यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आर्थिक मोर्चे पर विफल रही मोदी सरकार: आनंद शर्मा
नोटबंदी से जीडीपी गिरी और इकोनॉमी पटरी से बाहर हो गई। नोटबंदी से 1 साल में कितनी ब्लैकमनी पर चोट हुई टेरर फंड पर क्या कार्रवाई की गई।

शिमला, राज्य ब्यूरो। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्च पर विफल रही है। नोटबंदी का फैसला संगठित लूट था जिससे भारत की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हुई है।
आनंद शर्मा ने शिमला में पत्रकारों से कहा कि नोटबंदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गलत फैसला था। इसे न तो रिजर्व बैंक की सिफारिशों के आधार पर लागू किया गया और न ही कैबिनेट में इसकी चर्चा की गई। इससे एक साल बाद भी न काला धन खत्म हुआ और न ही टेरर फंडिंग पर चोट हुई। मोदी बताएं कि नोटबंदी से कितना कालाधन वापस आया? इस जनविरोधी व तुगलकी फरमान के लिए प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री देश से माफी मांगें। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों अहंकार में डूबे हुए हैं लेकिन वो दिन दूर नहीं जब देश की जनता इन्हें सजा देगी। बेहतर होता कि प्रधानमंत्री कांग्रेस के सवालों का उचित जवाब देते।
आनंद शर्मा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि करोड़पति व अरबपतियों में से टैक्सपेयर नहीं बढ़े हैं। टैक्सपेयर वो बढ़े हैं जिनकी आमदनी में 20 से 25 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से कर्मचारियों की तनख्वाह में वृद्धि हुई है। टैक्स चुकाने वालों की तादाद में पहले भी बढ़ोतरी होती रही है लेकिन इस बार इसमें बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला है। प्रधानमंत्री के एक्शन और फैसलों से क्रोनी कैपिटेलिज्म को बढ़ावा मिला है।
नोटबंदी से 33 प्रतिशत नौकरियां टूटी हैं जिसकी भरपाई लंबे समय तक नहीं हो पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री डिजिटल ट्रांजेक्शन के संबंध में कुछ आंकड़े दिखाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इसमें केवल मामूली वृद्धि हुई है। भारत क्या, दुनिया के किसी भी बड़े देश की अर्थव्यवस्था कैशलेस नहीं हो सकती है।
बेनामी संपत्ति की सूची जारी करें मोदी
आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अब बेनामी संपत्ति की बारी है। प्रधानमंत्री ने चार नवंबर को हिमाचल में कहा था कि कांग्रेस के लोगों ने रिश्तेदारों, चालकों व नौकरों के नाम पर बेनामी संपत्ति बना रखी है जिसे सरकार वापस लेगी। आनंद शर्मा ने चुनौती दी कि पीएम को कार्रवाई करने से किसने रोका है? वह कांग्रेस के ऐसे लोगों की तत्काल सूची जारी कर गिरफ्तारी के आदेश दें लेकिन सनसनी न फैलाएं। बेनामी संपति को लेकर कानून बना है। कानून के दायरे में कार्रवाई जरूर हो लेकिन गैर जिम्मेदाराना बयान न दें।
