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गांधी जयंती पर हिमाचल के कामगारों को बड़ा तोहफा, CM सुक्खू खातों में ट्रांसफर करेंगे 5 करोड़ 78 लाख रुपये

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:59 PM (IST)

गांधी जयंती पर हिमाचल प्रदेश के 1471 पंजीकृत निर्माण कामगारों और उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 5.78 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देंगे।

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। फाइल फोटो

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। फाइल फोटो

HighLights

  1. 1471 निर्माण कामगारों और आश्रितों को मिलेगी 5.78 करोड़ की सहायता।

  2. शिक्षा, विवाह, आवास सहित विभिन्न योजनाओं में मिलेगी आर्थिक मदद।

  3. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गांधी जयंती पर करेंगे राशि हस्तांतरित।

राज्य ब्यूरो, शिमला। गांधी जयंती पर हिमाचल के 1471 पंजीकृत निर्माण कामगारों और उनके पात्र आश्रितों के लिए सरकार आर्थिक मदद का तोहफा देगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के तहत 5.78 करोड़ रुपये की सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित करेंगे। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने यह जानकारी दी।

सबसे अधिक 2.74 करोड़ रुपये की शिक्षा सहायता 968 लाभार्थियों को मिलेगी। यह राशि पंजीकृत कामगारों के बच्चों की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए दी जाएगी। वहीं, 359 लाभार्थियों को विवाह सहायता के रूप में 1.83 करोड़ रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत विधवा, एकल, बेसहारा और दिव्यांग महिलाओं को मकान निर्माण के लिए 45.95 लाख रुपये दिए जाएंगे।

किन योजनाओं में मिलेगी कितनी राशि?

अचानक मृत्यु की स्थिति में भी बोर्ड मदद करेगा। दुर्घटना मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के 21 मामलों में 54.20 लाख रुपये जारी होंगे। मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के तहत 30 लाभार्थियों को 7.14 लाख रुपये, कन्या जन्म उपहार योजना में 15 परिवारों को 7.65 लाख और मानसिक दिव्यांगता वाले 10 आश्रितों को 2.15 लाख रुपये मिलेंगे।

एक लाभार्थी को दिव्यांग पेंशन के तहत 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। जिला स्तर पर कांगड़ा के 270 लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये मिलेंगे। हमीरपुर में 225 को 76.74 लाख, चंबा में 164 को 70.54 लाख, मंडी में 171 को 64.80 लाख और सिरमौर में 140 को 51.80 लाख रुपये दिए जाएंगे। किन्नौर में 126, शिमला में 88, बिलासपुर में 104, ऊना में 72, सोलन में 63 और कुल्लू में 48 लाभार्थी भी सहायता के दायरे में हैं।

कंवर ने कहा कि बोर्ड का प्रयास है कि पंजीकृत कामगारों और उनके आश्रितों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले।