रचना गुप्ता, शिमला

हिमाचल में स्कूलों के शिक्षक अपने तय समय पर ही सेवानिवृत्त होंगे। मध्य सत्र में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को मार्च तक जो सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) मिलता था, उस पॉलिसी को बुधवार को कैबिनेट बैठक में पलट दिया है। अब भविष्य में किसी भी शिक्षक को सेवा विस्तार नहीं मिलेगा। वहीं शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के संबंध में गत वर्ष किए गए फेरबदल में यह बदलाव होगा कि यदि शीतकालीन स्कूलों में फरवरी में बर्फ या ठंड के कारण बाधा आती है तो संबंधित उपायुक्त क्षेत्र में छुट्टियां घोषित करेंगे, जो बरसात की छुट्टियों में से काट ली जाएंगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में व्यवस्था यथावत होगी। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षकों के सामान्य तबादले अप्रैल में ही हो सकेंगे, लेकिन आवश्यक तबादला केस मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के संज्ञान के बाद वर्ष में कभी भी हो सकते हैं। इसमें भी तबादला फाइल सरकने की प्रक्रिया लंबी रहेगी। विशेष मामले मुख्यमंत्री से अप्रूव भी हो जाते हैं तो पहले निदेशालय फाइल जाएगी। उसके बाद मुख्य संसदीय सचिव के पास, फिर शिक्षा मंत्री के पास, फिर मुख्यमंत्री के पास और फिर शिक्षा मंत्री, सीपीएस व निदेशालय में जाएगी। ऐसे में तबादला मामलों की फाइल क्लीयर होने में न्यूनतम तीन माह लगेंगे। यही प्रक्रिया अब भी लागू है।

शिक्षा मंत्री आइडी धीमान कहते हैं कि सेवा विस्तार पॉलिसी को इसलिए बदला गया, क्योंकि प्रिंसिपल या वरिष्ठ स्तर पर कई शिकायतें प्राप्त हो रही थी। हालांकि तबादला प्रक्रिया यथावत रहेगी।

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