राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश में एलपीजी के 40 सिलेंडरों में गैस की कम मात्रा पाई गई है। इन सिलेंडरों को जब्त कर 11 गैस एजेंसियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। आठ गैस एजेंसियों के खिलाफ मापतोल उपकरणों का सत्यापन न करवाने के कारण मामले दर्ज किए गए हैं। मंगलवार को प्रदेश में विशेष अभियान छेड़ा गया जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।

प्रदेश में निर्धारित माप से कम मात्रा में गैस के सिलेंडर बेचे जाने की लगातार शिकायतें आ रही थीं। इसके आधार पर प्रदेश में 3441 एलपीजी सिलेंडरों की जांच की गई। इनमें से 40 सिलेंडरों में निर्धारित 14 किलो 200 ग्राम से कम गैस पाई गई। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। राज्य के विभिन्न हिस्सों में गैस सिलेंडरों के वजन को लेकर औचक निरीक्षण किया गया। प्रदेश के कई जिलों में जांच की गई। इस दौरान कई गैस सिलेंडरों में चार से पांच किलो तक कम गैस पाई गई।

डिजिटल राशनकार्ड के तौर पर इस्तेमाल होगा मोबाइल एप

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर द्वारा मंगलवार को शिमला में समीक्षा बैठक की गई। इसमें मोबाइल एप को डिजिटल राशनकार्ड के तौर पर इस्तेमाल करने के भी आदेश दिए गए। ईपीडीएसएचपी नामक मोबाइल एप को किसी भी प्ले स्टोर से एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है। आधार नंबर से जुड़ा कोई भी राशनकार्ड मोबाइल एप में दिखाई देगा और डिजिटल राशनकार्ड की तरह ही कार्य करेगा। एप के माध्यम से उचित मूल्य की दुकान की कार्यप्रणाली संबंधित फीडबैक विभाग को दी जा सकती है। राशन के संबंध में शिकायत भी दर्ज करने के लिए एप में एक मोबाइल का लोगो बना है जिस पर छूने से विभाग के टोल फ्री नंबर 1967 पर खुद फोन होता है। बैठक में पेट्रोल, डीजल व गैस सहित अन्य खाद्य पदार्थो की जांच के आदेश दिए गए।

सिलेंडरों का वजन मापदंड के अनुसार हो

प्रदेश में पहली बार ऐसा अभियान चलाया गया। उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर संवेदनशील हैं। किसी अनियमितता को बर्दाशत नहीं किया जाएगा। राज्य की सभी गैस एजेंसियों को अगाह कर दिया है कि सभी सिलेंडरों का वजन मापदंड के अनुसार हो। इसके बाद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए जाने चाहिए।

किशन कपूर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री

Posted By: Jagran

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