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शिमला, राज्य ब्यूरो। छह हजार करोड़ रुपये के प्रदेश के सबसे बड़े कर-कर्ज घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की 288.91 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई 17 बैंकों के 1600 करोड़ रुपये का कर्ज न लौटाने पर की गई है।

इंडियन टेक्नोमेक कंपनी और इसके प्रोमोटर की 288.91 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की गई है। इसमें कंपनी की सिरमौर के पांवटा साहिब के प्लांट, मशीनरी, भूमि, बिल्डिंग व कृषि योग्य भूमि शामिल है। मुख्य आरोपित राकेश कुमार की दिल्ली के महरौली की जमीन। निदेशक रहे हिमाचल के विनय कुमार शर्मा की पांवटा के डामोर माजरी मरपुर की प्रॉपर्टी भी शामिल है। ईडी ने शुरुआती जांच में पाया कि कंपनी ने बैंकों के साथ फ्रॉड किया। कर्ज तो करीब 1600 करोड़ का लिया, लेकिन चुकाया नहीं। यह पैसा एनपीए घोषित

करना पड़ा। अब यह पैसा ब्याज समेत दो हजार करोड़ से अधिक हो गया है। इसी संबंध में ईडी ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की है। ऐसा हिमाचल सीआइडी में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर किया है।

मुख्य आरोपित विदेश फरार

मुख्य आरोपित दिल्ली निवासी राकेश शर्मा भगौड़ा घोषित हो चुका है। उसे रेड कॉर्नर नोटिस भेजा गया है। ईडी के अलावा हिमाचल की सीआइडी ने भी कर्ज घोटाले की जांच की है। दो चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो गई हैं।

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Posted By: Babita kashyap

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