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20-25 साल सेवा, फिर भी पदोन्नति का इंतजार; CM सुक्खू से मिले हिमाचल स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन, सौंपी 10 सूत्रीय मांग

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:19 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से रोहड़ू में मुलाकात कर पदोन्नति, वेतन वृद्धि और अन्य वित्तीय लाभों सहित 10 सूत्रीय मांगें रखीं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। फोटो जागरण

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। फोटो जागरण

HighLights

  1. एचपीएसएलए ने सीएम सुक्खू को 10 सूत्रीय मांगें सौंपीं।

  2. लेक्चररों की पदोन्नति और वेतन वृद्धि मुख्य मांगों में शामिल।

  3. मुख्यमंत्री ने मांगों के समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिया।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (एचपीएसएलए) ने रोहड़ू में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर स्कूल लेक्चररों की लंबित सेवा, पदोन्नति, वेतन और वित्तीय लाभ से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं।

एसोसिएशन ने मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश में करीब 400 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नियमित प्रधानाचार्यों के बिना चल रहे हैं, जबकि कई स्कूल लेक्चरर 20 से 25 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद भी पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं।

एचपीएसएलए ने प्रधानाचार्य पदों पर लेक्चररों की पदोन्नति के लिए कोटा 95 प्रतिशत करने की मांग की। इसके अलावा लंबित 15 प्रतिशत डीए और वेतन आयोग के बकाया एरियर का जल्द भुगतान करने का आग्रह किया। एसोसिएशन ने ‘स्कूल लेक्चरर (न्यू)’ पदनाम समाप्त कर केवल ‘स्कूल लेक्चरर’ करने और प्रारंभिक वेतन 42 हजार से बढ़ाकर 47 हजार करने की मांग भी रखी।

कॉलेज लेक्चरर पद पर पदोन्नति की मांग

एसोसिएशन ने नेट सेट और पीएचडी जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले पात्र स्कूल लेक्चररों को कालेज लेक्चरर पद पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग की। ग्रामीण, कठिन और जनजातीय क्षेत्रों में लंबे समय से एसएमसी के तहत सेवाएं दे रहे लेक्चररों के लिए सुरक्षित एवं स्पष्ट सेवा नीति बनाने का भी आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी सीबीएसई स्कूलों में दिन में तीन बार अटेंडेंस की व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की। सीबीएसई स्कूलों में यूनिफार्म को नए शैक्षणिक सत्र से व्यवस्थित तरीके से लागू करने का आग्रह किया। 11वीं व 12वीं में कंप्यूटर साइंस व वोकेशनल आईटी की पढ़ाई विद्यार्थियों के लिए निशुल्क करने तथा इसके लिए बजट का प्रावधान करने की मांग भी रखी गई।

एचपीएसएलए अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में राज्य सलाहकार विकेश जनार्था, संरक्षक सुरेश चौहान, एक्शन कमेटी अध्यक्ष डा. उमेश दाउटू, वेब सचिव वीरेंद्र वाशिंगटा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।