हिमाचल के किन्नौर में बर्फ में दबीं 2000 भेड़-बकरियां, कई के सिर्फ दिख रहे सींग; रेस्क्यू अभियान जारी
रुपिन पास में भारी हिमपात के कारण किन्नौर और डोडरा-क्वार के भेड़पालक व लगभग 2000 भेड़-बकरियां फंस गई हैं, जिसके बाद बचाव अभियान जारी है।
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यह एआई जेनरेटेड तस्वीर है।
HighLights
रुपिन पास में भारी हिमपात से भेड़पालक और भेड़-बकरियां फंसीं
लगभग 2000 भेड़-बकरियां बर्फ में दबीं, बचाव अभियान जारी
राजस्व मंत्री ने राहत पैकेज और नुकसान आकलन का आश्वासन दिया
राज्य ब्यूरो, शिमला। किन्नौर के सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रुपिन पास में हुए हिमपात के बाद फंसे भेड़पालकों और उनकी भेड़-बकरियों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। भेड़पालकों के अनुसार, करीब 2000 भेड़-बकरियां बर्फ के नीचे दब गई हैं।
तीन फीट से अधिक बर्फ जमा होने के कारण कई भेड़-बकरियों के सिर्फ सींग ही दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा बर्फ हटने और भेड़-बकरियों की गिनती के बाद ही सामने आएगा।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सर्दियों के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों से नीचे लौट रहे दो डेरों के भेड़पालक रुपिन पास में भारी हिमपात के कारण फंस गए हैं। राहत की बात है कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। रेस्क्यू टीम बुधवार को रुपिन पास के टाप तक पहुंच गई और प्रशासन के संपर्क में है।
कुछ भेड़पालक और चलने की स्थिति में बची भेड़-बकरियों कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर नीचे उतर आए हैं। सूचना मिलते ही डोडरा-क्वार के एसडीएम को रेस्क्यू टीम गठित करने के निर्देश दिए थे। टीम में स्थानीय शेफर्ड, होमगार्ड, पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
नेगी ने कहा कि करीब 2000 भेड़-बकरियों के बर्फ में दबने की जानकारी भेड़पालकों से मिली है। फिलहाल इसे प्रारंभिक अनुमान माना जा रहा है। बर्फ कम होने के बाद ही मृत भेड़-बकरियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।
नुकसान के आकलन के लिए जल्द दूसरी टीम भेजी जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। सरकार नुकसान का आकलन करवा प्रभावित भेड़पालकों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करेगी। विशेष राहत पैकेज के तहत मदद देने का भी प्रयास किया जाएगा।
12 लोगों की टीम पहुंची रूपिन पास, बचाव कार्य शुरू
एसडीएम डोडरा क्वार किर्ती चंदेल ने बताया कि करीब तीन फिट बर्फ अभी भी वहां पर है। बुधवार को राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। 12 लोगों की टीम दोपहर बुधवार करीब 11 बजे पहुंच गई है। इसमें राजस्व व फील्ड कानूनगो भी है।
नेटवर्क का इश्यू वहां पर है। सैटेलाइट फोन से टीम से संपर्क किया जा रहा है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार 27 सितंबर को जो बर्फबारी हुई थी उसमें डेढ से दो हजार भेड़ बकरियां फंस गई थी।
इनके साथ जो लोग थे और कुछ मवेशी डोडरा क्वार की तरफ जो बेसकैंप है वहां पर पहुंच गए थे। पशुपालन विभाग से भी सूचना एकत्र की जा रही है कि कितने मवेशी गए थे। वन विभाग से संपर्क साधा गया है। वन विभाग के सहयोग से ड्रोन से मैपिंग करवाई जाएगी।
एसडीएम भी जाएंगे मौके पर
एसडीएम डोडरा क्वार किर्ती चंदेल खुद वीरवार को मौके पर जाएंगे। प्रशासन ने स्थानीय गाइड से भी संपर्क साधा है।
राजस्व मंत्री ने एसडीएम से ली रिपोर्ट
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से एसडीएम डोडरा क्वार से बात की और पूरी रिपोर्ट ली। उन्होंने बताया कि राहत बचाव कार्य जारी है।
