जागरण संवाददाता, शिमला : अप्पर शिमला से आने वाले बड़े ट्रक सेब की फसल को लेकर माईपुल से गुजर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा कि इस पुल से नौ टन से ज्यादा क्षमता वाले ट्रक भी जा सकते हैं। हालांकि पहले इससे ज्यादा भार वाले ट्रकों पर रोक लगा दी गई थी। इस फैसले के बाद अब सोलन या चंडीगढ़ मंडी फसल ले जाने वाले ट्रकों को शिमला आने की जरुरत नहीं रहेगी। इन ट्रकों का 25 किलोमीटर तक का सफर सोलन तक कम होगा, वहीं ढली मंडी से लेकर ठियोग तक लग रहे जाम से राहत मिल सकेगी।

मंगलवार को दोपहर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बागवानों को सेब सीजन के दौरान आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए बैठक बुलाई थी। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग, एमपीएमसी, लोक निर्माण विभाग से लेकर अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीसी शिमला ने बताया कि पिछले दिनों जाम को लेकर जो बैठक हुई थी, उसमें पहले ही क्या-क्या फैसले लिए जा चुके हैं, इनके लागू होने के बाद जाम से कितनी राहत मिली है। कितने ट्रक रोजाना सेब लेकर जा रहे हैं। कितने वाहनों की क्षमता हैं। इस पूरे मसले पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

शोघी बाजार से वाहनों को हटाने का जिम्मा पुलिस को

शोघी बाजार से वाहनों को हटाने का जिम्मा शिमला पुलिस को दिया है। पुलिस को बाजार से अगले तीन से चार दिनों में वाहनों को हटाना होगा। इसके बाद सेब सीजन के दौरान यहां पर जाम से राहत मिलेगी। बाजार में एक तरफ बसें खड़ी होती हैं, वहीं दूसरी तरफ अवैध तरीके से वाहन दूसरी तरफ खड़े रहते हैं। इससे जाम लगता है।

ढली मंडी को जाने वाले रास्तों पर पार्किंग पर रोक

ढली मंडी तक की सड़क पर वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह से रोक रहेगी। ढली टनल से लेकर मंडी तक की सड़क पर दोनों किनारे किसी भी वाहन को पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। शिमला पुलिस को वाहन इस सड़क पर न लगे, इसकी व्यवस्था करनी होगी। वहीं मंडी के बाहर वाहनों को फसल बेचने के बाद खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। ज्यादा समय तक वाहन मंडी के बाहर पार्क करने पर चालान किए जाएंगे।

ये रहे बैठक में मौजूद

बैठक में एमपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा, जिला उपायुक्त अमित कश्यप, एएसपी परवीर ठाकुर, पीडब्लयूडी के अधिकारी, परिवहन विभाग के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran