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राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी में भर्ती सांस के रोगियों को ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी नहीं मिल रही है। इसके कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों में ई ब्लॉक में स्थित पुलमोनरी मेडीसिन वार्ड में ऑक्सीजन के प्रेशर को लेकर दिक्कत आ रही है, लेकिन आइजीएमसी अस्पताल प्रशासन द्वारा इस समस्या के समाधान को लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है। इससे साफ है कि आइजीएमसी के पुलमोनरी मेडीसिन वार्ड में भर्ती सांस के रोग से ग्रस्त मरीज राम भरोसे ही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आइजीएमसी के ही एक डॉक्टर ने अपने संबंधी को सांस की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस दौरान डॉक्टर के संबंधी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी और जब उसे मास्क लगाया गया तो उसमें आक्सीजन का प्रेशर ही नहीं था।

यह है कारण

आइजीएमसी का ई ब्लॉक सबसे बाद में बना ह और यहां के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई की लाइन ब्लॉक डी से होते हुए जा रही है। इसके अलावा अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भी लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। ऐसे में यदि ब्लॉक डी में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो ब्लॉक ई तक ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो जाता है।

रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी उठा था मुद्दा

आइजीएमसी में हाल ही में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया गया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

ब्लॉक ई में यह दिक्कत रोज नहीं रहती है। लंबी लाइन होने के कारण कई बार ऑक्सीजन का प्रेशर कम होता है। महीने के भीतर आइजीएमसी में नया ऑक्सीजन प्लांट बन जाएगा। इसके बाद ऑक्सीजन के प्रेशर में कमी की दिक्कत खत्म हो जाएगी। -डॉक्टर रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आइजीएमसी

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