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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी

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Published: Thu, 04 Aug 2016 08:29 PM (IST)

संवाद सहयोगी, शिमला : प्रदेश संस्कृत अकादमी के सौजन्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार स्मरण एवं काव्य संगोष्

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संवाद सहयोगी, शिमला : प्रदेश संस्कृत अकादमी के सौजन्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार स्मरण एवं काव्य संगोष्ठी का आयोजन आशियाना शिमला में किया गया। इसमें मुख्यातिथि के रूप में डॉ. मस्त राम शर्मा रहे तथा वरिष्ठ अतिथि महिला आयोग की अध्यक्ष जैनव चंदेल ने शिरकत की। अध्यक्षता प्रो. आरडी शर्मा ने की। करीब 40 विद्वानों ने डॉ. यशवंत सिह परमार पर शोधपत्र एवं कविता पाठ किया। वशिष्ठ अतिथि जैनव चंदेल ने कहा कि संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी है। हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार ने पलंडरी इन हिमाचल विषय पर डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी व उन्होंने प्रदेश को संपूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाया था। अकादमी सचिव डॉ. मस्त राम ने कहा कि जहां डॉ. वाईएस परमार हिमाचल निर्माता हैं, वहां वर्तमान में मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह विकास के मसीहा हैं। अकादमी के कार्यक्रम में आए सभी विद्वानों ने संस्कृत महाविद्यालय तुंगेश को सरकारी नियंत्रण में लाने के लिए धन्यवाद किया। छठी कक्षा से दसवीं कक्षा तक संस्कृत भाषा को अनिवार्य रुप से पढ़ाने की संभावनाओं को तलाशने के आदेश दिए हैं।