यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संस्कृत कॉलेज में स्टाफ का टोटा
संवाद सहयोगी, शिमला : फागली में संस्कृत महाविद्यालय में काफी समय से अध्यापकों की कमी चल रही है। यहां

संवाद सहयोगी, शिमला : फागली में संस्कृत महाविद्यालय में काफी समय से अध्यापकों की कमी चल रही है। यहां पर साहित्य दर्शन विषय की पोस्ट 6 साल से खाली पड़ी है। वहीं, व्याकरण की पोस्ट 1 साल से खाली है। इसके चलते छात्रों को और अन्य स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, हाल में नए सत्र की पहले, तीसरे, पांचवें सत्र के दाखिले हो चुके हैं। कक्षाएं 1 जुलाई से बैठने वाली हैं। ऐसे में अस्थायी अध्यापकों से काम चलाने के लिए कॉलेज प्रशासन मजबूर है।
अन्य स्टाफ की भी चल रही कमी
कॉलेज में पुस्तकालय तो है पर उसमें ताला लगा रहता है। लाइब्रेरियन की पोस्ट खाली होने की वजह से छात्रों के पुस्तकालय कार्ड नहीं बन रहे हैं। इसकी वजह से छात्रों को किताबें पढ़ने को नहीं मिलती। किताबें पुस्तकालय में प्रशासन भेजता तो है पर वो धूल फांक रही हैं। वहीं, कॉलेज प्रशासन के पास क्लर्क की पोस्ट भी खाली है। यह 3 साल से खाली है। सारा कागजों का काम अध्यापकों को करना पड़ रहा है, जिनकी पहले ही कमी है। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई में दिक्कतें आना स्वभाविक है।
चौकीदार भी नहीं
वहीं, कॉलेज प्रशासन के पास कोई चौकीदार भी नही है, जिसकी वजह से कॉलेज की संपत्ति का रख रखाव भी सवालों के घेरे में है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को ही रखवाली की जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है।
