जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश में भीख मांगना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बाजार व गलियों में भिखारियों को देखा जा सकता है। राजधानी में पर्यटक सीजन में भिखारियों की तादाद काफी बढ़ गई है। इनके पास न तो कोई पहचानपत्र व न कोई अन्य आवश्यक दस्वावेज हैं। ऐसा कोई बाजार नहीं है जहां भिखारी डेरा जमाए हुए न बैठे हों।

भिखारियों के कारण लोगों का रास्तों से गुजरना मुश्किल हो चुका है। हालत यह है कि आगे-आगे पर्यटक व स्थानीय लोग होते हैं और भिखारी पैसे मांगने के लिए उनके पीछे पड़ जाते हैं। ऐसे में स्वच्छ शिमला की छवि पर दाग लग रहा है। वहीं, प्रशासन पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। शिमला शहर में जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस प्रशासन अहम भूमिका निभाता है लेकिन भिखारियों को हटाने के लिए फिलहाल कोई भी विभाग आगे आता नहीं दिख रहा है। लोअर बाजार, रिज मैदान, स्केंडल प्वाइंट, लक्कड़ बाजार आदि के अलावा उपनगरों में भारी तादाद में भिखारी डेरा जमाए हुए है।

नहीं हो रही कार्रवाई

शिमला शहर में विकास कार्य होने का हवाला देने वाला नगर निगम भिखारियों के खिलाफ कारवाई करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इस मामले में काफी समय से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्मार्ट सिटी का अवार्ड भले ही नगर निगम को मिल गया हो लेकिन अब शायद अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटा जा रहा है।

आस्था के नाम पर खिलबाड़

राजधानी में पिछले कई साल से ऐसे कई भिखारी घूम रहे हैं जो सांप को पिटारे में डालकर लोगों को ठगते है। वे लोगों का पीछा तब तक नहीं छोड़ते हैं जब तक कोई उन्हें रुपये न दे। अगर लोग रुपये नहीं देते है तो भिखारी गालीगलौज करते हैं। आस्था के नाम पर सरेआम लूट हो रही है मगर प्रशासन कोई कारवाई नहीं कर रहा है। मंदिरों के बाहर सुबह से लेकर शाम तक भिखारियों की कतारें लगी होती हैं। यहां आने-जाने वालों को भिखारी रुपये देने के लिए मजबूर कर देते हैं।

बढ़ रहा अपराध

शहर में आपराधिक वारदातों में अधिकतर अन्य राज्यों के मजदूरों का हाथ सामने आता है। ऐसे लोग चोरी व ठगी के मामले में शामिल हैं। फेरी वाले व भिखारी घरों के आसपास रेकी करते हुए देखे जाते हैं। पुलिस के पास कई बार ऐसी शिकायतें आ चुकी है मगर कारवाई नहीं हुई है।

जल्द होगी कार्रवाई

प्रदेश में भीख मांगने पर प्रतिबंध है। पुलिस एक्ट के तहत कारवाई की जाती है। शिमला शहर में जल्द कारवाई की जाएगी।

भजन देव नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा से सीधे सवाल

शहर में भिखारियों को हटाने के लिए क्या किया जा रहा है?

- भिखारियों की संख्या कहां बढ़ी है? पर्यटन सीजन में पड़ोसी राज्यों से हर बार भिखारी आते हैं।

-नाबालिग बच्चे भी भीख मांग कर लोगों को तंग कर रहे हैं?

-अभी तक हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। भिखारियों को यहां से जल्द खदेड़ा जाएगा।

- अभी तक कितनों के खिलाफ कारवाई हुई है?

ऐसा मैं बता नहीं सकता हूं। प्रशासन समय-समय पर कारवाई करता है।

खदेड़े जाएंगे भिखारी

इस मामले में अगले सप्ताह से कारवाई की जाएगी। भिखारी शहर से खदेड़े जाएंगे।

प्रशांत सरकैक, सह आयुक्त

क्या कहते हैं पर्यटक

शिमला घूमने के लिए अच्छी जगह है लेकिन जैसे ही पुराना बस स्टैंड में उतरते हैं, भिखारी पैसे मांगने आ जाते हैं। राजस्थान से शिमला घूमने आए हैं। सुबह जब तक भिखारियों को पैसे नहीं दिए, तब तक वे मांगते ही रहे।

मनीष डोटासरा

सुबह राम मंदिर में प्रवेश करते समय भिखारी पैसे मांगने लगे। मंदिर में पैसे चढ़ाने से पहले उन्हें पैसे देने पड़े। गोवा से शिमला घूमने का लुत्फ उठाने आए थे लेकिन भिखारियों ने लूटना शुरू कर दिया।

विक्रम सिंह

शाम को पुराना बस स्टैंड में कई भिखारी थे। दस रुपये देने पर वे 20 रुपये मागंने लगे। एक भिखारी ने माल रोड तक पीछा नहीं छोड़ा।

सतपाल

वीरवार सुबह दस बजे के करीब कालीबाड़ी मंदिर में जा रहे थे। रास्ते में तीन भिखारी पैसे मांगने लगे। पैसे न देने पर वह गालीगलौज करने लगे।

सुरेश

वीरवार को रिज मैदान पर घूम रहे थे। एक भिखारी ने हाथ से जबरदस्ती आइसक्रीम छीनी और भाग गया। कर्नाटक से घूमने का आनंद उठाने आए हैं मगर भिखारी मजा किरकिरा कर रहे हैं।

राजकुमार

लोअर बाजार में भिखारियों ने रास्ता रोक दिया। जब तक उन्हें पैसे नहीं दिए, वे नहीं हटे। दिल्ली से शिमला घूमने आए हैं। शिमला में इतने भिखारी पहली बार देखे हैं।

विक्रांत