जागरण संवाददाता, मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी में विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के तहत सोमवार को 15 दिवसीय कार्यशाला शुरू। कार्यशाला का शुभारंभ आइआइटी के निदेशक प्रो. टिमोथी ए गोंजाल्विस ने किया। विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के तहत दसवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में विज्ञान विषय में 90 फीसद से अधिक अंक प्राप्त करने वाली प्रदेश की 30 छात्राओं का चयन किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य मकसद छात्राओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। एक्सपर्ट लेक्चर, परस्पर संवाद और शोध प्रयोगशालाओं के माध्यम से उन्हें इस क्षेत्र में करियर के विभिन्न विकल्पों के बारे में सलाह देंगे।

प्रो टिमोथी ए. गोन्•ाल्विस ने कहा इंजीनियर का काम लोगों की जिदंगी आसान बनाना है। लंबी अवधि से लोगों की सोच यह रही है कि इंजीनिय¨रग के क्षेत्र में शारीरिक ताकत होना जरूरी है, इसलिए इसमें छात्राओं की संख्या कम रही है। छात्राओं को विज्ञान के सभी संभव क्षेत्रों के बारे में जानकारी देने के साथ प्रत्येक क्षेत्र का सामाजिक महत्व बताया जाएगा।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. आरती कश्यप ने कहा कि 15 दिन तक एक्सपर्ट लेक्चर, प्रयोगशाला सत्र, समस्या समाधान, करियर कांउसि¨लग, योगा एवं ध्यान। आइआइटी दिल्ली की एसो. प्रो. डॉ. शालिनी गुप्ता, अरण्यपाल मंडी उपासना पटियाल,डॉ. ऋचा ¨सह, एसो. प्रोफेसर, आइआइटी दिल्ली डॉ. कामिनी सिन्हा, एसोसिएट प्रो. आइआइटी पटना डॉ. दीप्ति सिद्धये, सहायक प्रोफेसर पुणे यूनिवर्सिटी, डॉ. अन्नपूर्णा रथ, सहायक प्रोफेसर, आइआइटी गांधीनगर; डॉ. राजबाला ¨सह, एसोशिएट प्रो. एलएनएमआइजेटी, जयपुर; डॉ. शालिनी जोशी. कवियत्री, एमडी नव रचना स्कूल भी वार्ताकार होंगी। संस्थान ने पुष्पा गुजराल साइंस सीटी, जालंधर के दो दिनों के शैक्षिणक दौरे की भी योजना बनाई है।

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