संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : स्थानीय न्यायालय की न्यायिक दंडाधिकारी नेहा शर्मा की अदालत ने हंसराज पुत्र तोता राम गांव समहोली डाकघर द्राहल जोगेंद्रनगर जिला मंडी को तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में दो वर्ष की कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस हादसे में सारिका नामक बच्ची की मौत भी हो गई थी। उप अभियोजन अधिकारी चनन ¨सह डोगरा ने बताया कि घटना 22 अप्रैल 2010 की है जब जगदीश चंद पुत्र तुलसी राम गांव चल्हारग शाम छह बजे के करीब अपनी बच्चियों सानिया व सारिका के साथ अपने घर के साथ ही खुली जगह में मौजूद था। इस दौरान दोनों बच्चियां खेल रही थी, उसी समय मच्छयाल की तरफ से जीप नंबर एचपी 03 बी-0147 को हंसराज तेज रफ्तार व लापरवाही से चलाता हुआ आया और गाड़ी से नियंत्रण खोने के कारण गाड़ी सड़क छोड़कर खुली जगह में रमेश चंद के आंगन में आ पहुंची जहां बच्चियां खेल रही थी। इस दौरान गाड़ी ने बच्चियों को टक्कर मार दी। सारिका गाड़ी के टायर के नीचे आ गई और मौत हो गई थी। जबकि उसकी बहन सानिया को चोटें आई थी। 22 अप्रैल 2010 को ही इस घटना का थाना जोगेंद्रनगर में मुकदमा दर्ज हुआ था तथा अदालत में पेश हुआ। मुकदमे की पैरवी सरकार की तरफ से उप अभियोजन अधिकारी चनन ¨सह डोगरा ने की तथा 15 गवाह पेश किए। अपराध सिद्ध होने पर अदालत द्वारा सजा सुनाई गई।

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