शिमला, प्रकाश भारद्वाज। हिमाचल में लोक निर्माण विभाग के बेलदारों के पास करने के काम नहीं है। हालत यह है कि महकमे में बेलदारों की संख्या बीस हजार से अधिक है, इनके वेतन पर हर माह लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बेलदारों को काम पर लगाने के लिए सरकार ने एक उपाय सुझाया है कि इन्हें पुलिस महकमे में समायोजित किया जाए।

दो हजार बेलदारों को पुलिस विभाग में बतौर विशेष पुलिस अधिकारी (स्पेशल पुलिस अधिकारी) नियुक्त किया जाए। इसके लिए सचिवालय से पत्र पुलिस मुख्यालय पहुंच गया है। जिसमें पुलिस विभाग से मंजूरी मांगी गई है। यह प्रस्ताव सिरे चढ़ा तो बेलदार बेलचा छोड़कर बंदूक थामे हुए नजर आएंगे। पुलिस विभाग से मंजूरी मिलने के बाद दो हजार नियमित बेलदारों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का अति महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जा सकता है। बेलदार मिलने के बाद पुलिस महकमे में चल रही स्टाफ की कमी भी दूर होगी।

बेलदार का वेतन 30 हजार

लोक निर्माण विभाग में सेवारत बेलदार का वेतन करीब 30 हजार रुपये मासिक है। नियमित बेलदारों को 25 हजार से तीस हजार वेतन मिलता है। इसके अतिरिक्त दैनिक भोगी बेलदारों को करीब सात हजार मासिक मानदेय प्राप्त होता है। 

सचिवालय से पत्र पहुंचा

सचिवालय से एक पत्र पुलिस मुख्यालय में पहुंचा है। जिसमें दो हजार बेलदारों को पुलिस महकमे में दिए जाने बारे लिखा गया है। मामले पर पुलिस विभाग से विचार मांगे गए हैं। वर्तमान में विशेष पुलिस अधिकारी चंबा जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ लाहुल-स्पीति में भी सेवाएं दे रहे हैं। इनकी संख्या करीब पांच सौ है। पुलिस अधिकारी को मासिक छह हजार रुपये मानदेय प्राप्त होता है। वर्ष 1999 में सतरूंडी आतंकी हमले के बाद सरकार ने राज्य की सीमाओं पर एसपीओ तैनात किए।   

Rohtang tunnel : रोहतांग सुरंग से 500 लोग हुए आर-पार, प्रशासन के छूटे पसीने

ऐसा कोई प्रस्ताव अभी तक सरकार को नहीं भेजा है। हां, सरकार की ओर से बेलदारों को पुलिस विभाग में रखने को लेकर पूछा गया था। इस मामले में विचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

- सीताराम मरडी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)।

Himachal weather Update हिमाचल में बढ़ा ठंड का प्रकोप, पाइपों में जमने लगा पानी

 

Posted By: Babita kashyap

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस