मंडी, जेएनएन। सरकार की फटकार के बाद नींद से जागे प्रशासन ने अब घरों से बाहर निकलने वाले लोगों पर शिकंजा कस दिया है। प्रशासन की सख्ती से पिछले तीन दिन से चल रहा अन्य राज्यों के कामगारों का पलायन भी पूरी तरह से थम गया है। जिला के सभी प्रवेशद्वार पूरी तरह से सील कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा व अन्य पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को खुद सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। नाकों पर तैनात पुलिस जवानों को सख्त निर्देश दिए कोई भी व्यक्ति बाहरी क्षेत्रों से जिले में प्रवेश न कर पाए।

उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने सभी लोगों खासकर जिला में मौजूद अन्य राज्यों के कामगारों से अपील की है वे जिले में जहां हैं, वहीं रहें। उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिला प्रशासन ने उनकी भोजन संबंधी सारी व्यवस्था की है। सरकार ने किसी भी प्रकार के अंतरराज्यीय एवं अंतर्जिला आवागमन को कड़ाई से रोकने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। अन्य राज्यों के जो लोग अपने स्तर पर यहां से निकलने का प्रयास कर रहे हैं वे खुद को मुश्किल में डाल रहे हैं। प्रशासन ने सभी जरूरतमंद लोगों के ठहरने और भोजन संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित की है। जिले में स्थानीय प्रशासन व पंचायत प्रतिनिधियों ने करीब 10 हजार ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार की है जिन्हें राशन सामग्री की जरूरत है। प्रशासन उन्हें उनके घरों व ठहरने के ठिकानों पर राशन किट पहुंचाने में लगा है। जो लोग अन्य जिलों से पैदल चल कर भी मंडी पहुंचे हैं उन्हें वहीं रोक कर रहने व खाने की व्यवस्था की गई है।

लोगों की सुविधा के लिए जिला में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवश्यक सामान की दुकानें खुली रखी जा रही हैं। लेकिन जरूरी है लोग इस दौरान खरीदारी करते हुए शारीरिक दूरी का ध्यान रखें। ऐसी जगहों में भीड़ न लगाएं।

घर जाने की कोशिश कर रहे 288 लोग लौटाए

पिछले दो दिन में जिले से बाहर जाने की कोशिश कर रहे 288 लोगों को प्रशासन ने वापस भेजा है, वे लोग जहां थे अब वहीं रहेंगे। इनमें अन्य राज्यों की लेबर व हिमाचल के अन्य जिलों के लोग शामिल हैं। इसमें कुछ लोग पैदल ही जिले से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकांश लोग चोरी छिपे नदी किनारे और पहाड़ी रास्तों से जाने की कोशिश कर रहे थे। कुल्लू पुलिस ने सभी लोगों से आग्रह किया किया है कि जो जहां है वहीं पर रुके और कोरोना वायरस से लड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। साथ ही पुलिस ने सभी को सूचित भी कर दिया है कि बाहरी जिलों व राज्यों के लोग जहां भी रुके हुए हैं उनको वहां से मकान मालिक, होटल मालिक या कोई भीउन्हें उपलब्ध करवा जिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह का कहना है कि पुलिस टीमें जिले के बार्डर  बाहर जाने के लिए विवश नहीं कर सकता है। यदि उनके पास राशन नहीं है तो वह जिला प्रशासन के माध्यम सेपर तैनात हैं। सरकार के आदेशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। पुलिस ने दो दिन में 288 लोगों को चैक पोस्ट से वापस भेजा है। जिले में किसी को भी आने व जाने की अनुमति नहीं है।

कोरोना वायरस के चलते पैदल अपने कार्यस्थलों से सुंदरनगर पहुंचे दूसरे राज्यों के कामगारों को प्रशासन ने वापस भेजा। सोमवार को एसडीएम सुंदरनगर के निर्देश के बाद मंडी, नेरचौक और थलौट से आए 44 कामगारों को वापस उनके कार्यस्थलों पर भेजा गया। प्रशासन ने उनके ठेकेदारों से बात करने के बाद यह कार्रवाई की। कामगारों को भेजने के लिए परिवहन निगम की दो बसों प्रबंध किया था। सभी को दस-दस दिन का राशन भी दिया गया है। अभी भी 30 के करीब कामगार यहां के ब्वायज स्कूल, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर और गुरुद्वारे में रखे हुए हैं। उन्होंने इन हालात में वापस जाने से इन्कार कर दिया गया है।

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ऐसे में प्रशासन द्वारा उनके लिए स्टोव, तेल और राशन सहित रात के सोने की व्यवस्था के साथ ही राशन दिया गया है। एसडीएम राहुल चौहान ने इसकी पुष्टि की है। कोरोना वायरस के चलते देश भर में लाकडाउन के बाद कामगारों द्वारा अपने घरों के लिए पलायन किया जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल के विभिन्न जिलों और कस्बों में काम वाले कामगार भी पिछले कुछ दिनों से आ रहे हैं। लेकिन सरकार द्वारा सभी सीमाएं सील करने के बाद उन्हें उसी स्थान पर रखने के निर्देश हुए हैं जहां पर वे हैं। प्रशासन ने कामगारों के ठेकेदारों से बात कर उन्हें वापस भेजा।

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Posted By: Babita kashyap

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