सरकाघाट, जेएनएन। मंडी जिला में एक वृद्ध महिला को डायन बताकर उसके बाल काट, मुंह काला कर व गले में जूतों का हार पहनाकर सड़क पर घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद देवरथ के साथ थाने की ओर आ रहे सैकड़ों लोगों की सूचना प्रशासन को मिलते ही सरकाघाट में धारा 144 लागू कर दी गई है। अब तीन से चार लोग एक जगह इक्‍ट्ठे खड़े नहीं हो सकेंगे। ग्रामीण देवरथ के साथ जुकैण पंचायत के मतेहड़ी गांव में रुक गए हैं। बताया जा रहा है यहां गांव के लोगों ने इनके लिए धाम का आयोजन किया।

सरकाघाट उपमंडल के समाहल गांव में बुजुर्ग महिला को प्रताडि़त करने वाले 22 लोगों को हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है देवरथ के साथ 200 लोग पुलिस थाने का घेराव करने आ रहे हैं। पुलिस अधीक्षक मंडी ने डीएसपी सरकाघाट चंद्र पाल सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है। मामले में पुलिस की ओर से लापरवाही पाई गई तो थाना प्रभारी सरकाघाट व अन्य स्टाफ लाइन हाजिर हो सकता है। वहीं पुलिस ने जिला मुख्‍यालय से अतिरिक्‍त बल भी सरकाघाट भेज दिया है।

जिला मंडी की सरकाघाट पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला के घर में तोडफ़ोड़ की गई थी लेकिन मामले को देवताओं का डर दिखाकर दबा दिया गया था। सरकाघाट उपमंडल के समाहल निवासी 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला राजेदई अपने दामाद के घर रहती हैं और वह अपने घर आई थीं। इस दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने देवता के रथ उसके घर ले जाकर उस पर जादू टोना करने का आरोप लगाकर उसके बाल काट दिए। इसके बाद महिला का मुंह काला किया और जूते की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया।

जिला मंडी की सरकाघाट पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार किया है।

इससे पहले भी राजेदई के घर जाकर तोडफ़ोड़ हुई थी। उसने पंचायत में शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन देवता का डर दिखाकर पंचायत स्तर पर ही शिकायत वापस ले ली गई। इसी गांव में अकेले रहने वाले दो बुजुर्गों सेवानिवृत्त शिक्षक राजपाल सिंह और मोहन सिंह के घर को देवता के नाम पर निशाना बनाया गया और वहां भी लोगों ने तोडफ़ोड़ की थी। उन्होंने भी इस मामले की शिकायत की थी लेकिन देवता का डर दिखाकर शिकायत को ही फाड़ दिया गया था।

सरकाघाट की गाहर पंचायत के देवता मांहुनाग के अनुयायी बैरा गांव के लोग हैं। मंदिर के पुजारी का देहांत के बाद किसी ने भी इसका पदभार नहीं संभाला। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिन से धर्म के कुछ ठेकेदार देवता के रथ को उठाकर उन घरों में ले जाकर तोडफ़ोड़ कर रहे हैं, जहां पर बुजुर्ग अकेले रहते हैं। इसी का शिकार 81 वर्षीय राजेदई हुई हैं।

राजेदई की तीन बेटियां हैं। पहले उनके घर में तोडफ़ोड़ की गई और उसके बाद जब वह दोबारा अपनी बेटी के साथ आईं तो उन पर जादू टोना करने का आरोप लगाकर बाल काट व मुंह काला कर पूरे गांव में घुमाया गया। जब उनके साथ हुए बर्ताव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया।

अपनी निजी दुश्मनी निकालने के लिए कुछ लोग बुजुर्गों को तंग कर रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करे। -कुलदीप शर्मा, गाहर पंचायत प्रधान।

बुजुर्ग महिला को प्रताडि़त करने पर 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपितों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस बिंदू पर भी छानबीन की जाएगी कि पहले अगर शिकायत आई थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई। -गुरदेव शर्मा, एसपी मंडी।

पहले करवा चौथ के दिन हुई थी घटना

बेटी तृप्ता ने कहा की करवा चौथ के दिन ग्रामीण देवता को उसके मां के घर लाए और मां को कहा कि आप डायन हो। लोगों पर जादू टोना करती हो। मां ने कहा कि हम नाग देवता की पूजा करते हैं। इस पर देवता के पुजारी की लड़की ने तैश में आकर प्रतिष्ठित की गई नाग देवता की चांदी से बनी मूर्ति को आंगन में फेंक दिया और मां को घसीट कर देवता के मंदिर में ले गए।

मैंने बस एफआइआर दर्ज करवाने की मेल भेजी है। इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो ताकि दूसरे लोग ऐसी हरकत करने से पहले 100 बार सोचें। -विनय शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल

सच बात यह है कि कानून व्यवस्था में खामियों और राजनीतिक संरक्षण से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मेरा आग्रह है कि इस अमानवीय घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नरमी न बरती जाए भले ही वह कितने रसूखदार हों। -संजय शर्मा, समाजसेवी, धर्मशाला।

घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी भी हाल में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। आइजी से लेकर एसपी व डीएसपी तक को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के भीतर आरोपी हर हाल में गिरफ्तार किए जाएं। -कर्नल इंद्र सिंह, विधायक सरकाघाट