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एशियन गेम्स: सावन बरवाल ने मैराथन में 44 साल बाद देश को दिलाया पदक, हिमाचल में घर पर जश्न; कोच बोले- सपना साकार

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 26 Sep 2026 11:38 AM (IST)Updated: Sat, 26 Sep 2026 12:00 PM (IST)

जोगेंद्रनगर के धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतकर 44 साल का इंतजार ...और पढ़ें

धावक सावन बरवाल और मंडी के जोगेंद्रनगर में उनके परिवार के सदस्य।

धावक सावन बरवाल और मंडी के जोगेंद्रनगर में उनके परिवार के सदस्य।

HighLights

  1. सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 मैराथन में रजत पदक जीता।

  2. भारत को 44 साल बाद पुरुष मैराथन में पदक मिला।

  3. सावन ने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया, घर पर जश्न।

संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी जोगेंद्रनगर के धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर कर दिया।

सावन की इस उपलब्धि के साथ एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत का 44 वर्ष का पदक इंतजार भी समाप्त हुआ। भारत ने इससे पहले वर्ष 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन में पदक जीता था। सावन का रजत पदक विदेशी धरती पर इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक भी है।

2012 में जोगेंद्रनगर से शुरू किया था सफर

सावन बरवाल के कोच गोपाल ठाकुर के अनुसार सावन ने वर्ष 2012 में खेल प्रशिक्षण केंद्र जोगेंद्रनगर से एथलेटिक्स का सफर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2012 से 2018 के बीच उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ पदक हासिल किए।

कोच गोपाल ठाकुर के मार्गदर्शन में सावन ने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी प्रतिभा को निखारा। वर्ष 2019 में भारतीय सेना में शामिल होने के बाद उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का मंच मिला। सेना में शामिल होने के बाद भी उनकी पदक जीतने की यात्रा जारी रही।

वर्ष 2026 में मैराथन पदार्पण पर 48 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सावन का चयन एशियन गेम्स के लिए हुआ। अब एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपने शानदार खेल सफर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी है।

घर पर जश्न का माहौल

वहीं सावन बरवाल के पदक जीतने पर उनके घर रड़ा भखेड़ में खुशी का माहौल है। सुबह से ही लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को बधाई दे रहे हैं। सावन बरवाल की माता सुभद्रा देवी, पिता कुलदीप बरवाल, बड़े भाई सुमीत बरवाल, भाभी श्वेता बरवाल और पत्नी शबनम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सावन की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। 

परिवार को और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

उन्होंने कहा कि सावन ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उसकी सफलता ने न केवल परिवार बल्कि जोगेंद्रनगर और पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। परिवार ने सावन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए पदक जीतकर गौरव बढ़ाएगा।

कोच का सपना भी साकार किया : गोपाल ठाकुर

सावन बरवाल के कोच गोपाल ठाकुर ने एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने पर सावन बरवाल और उनके पूरे परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर कोच का सपना होता है कि उसके द्वारा तैयार किया गया खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर अपना और अपने देश का नाम रोशन करे। सावन बरवाल ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि सावन की इस सफलता पर उन्हें गर्व है। उसकी मेहनत और उपलब्धि की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने सावन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आने वाले समय में भी देश के लिए इसी तरह पदक जीतकर जोगेंद्रनगर और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करता रहे।

अपने रिकॉर्ड में किया सुधार

सावन ने अप्रैल 2026 में नीदरलैंड के रोटरडैम में अपनी पहली प्रतिस्पर्धी मैराथन में 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकालकर भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने वर्ष 1978 में शिवनाथ सिंह द्वारा बनाए गए 2:12:00 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। एशियन गेम्स में 2:11:37 का समय निकालकर उन्होंने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड में 21 सेकंड का सुधार किया।

हॉफ मैराथन और ट्रैक स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन

सावन बरवाल लंबी दूरी की दौड़ में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। अक्टूबर 2024 में दिल्ली में आयोजित वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में उन्होंने 1 घंटे 2 मिनट 46 सेकंड का समय दर्ज किया था। वर्ष 2025 में कोच्चि में राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में 28:57.13 का समय निकालकर स्वर्ण पदक हासिल किया था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत चुके पदक

इसके अलावा सावन 5000 और 10 हजार मीटर स्पर्धाओं में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने एशियन हाफ मैराथन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2024 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर का राष्ट्रीय खिताब हासिल किया। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय खेलों में 5000 और 10 हजार मीटर में स्वर्ण पदक के साथ फेडरेशन कप में 10 हजार मीटर का स्वर्ण पदक भी उनके नाम रहा।

सीएम सुक्खू सहित अन्य नेताओं ने दी बधाई

सावन बरवाल की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सांसद कंगना रनौत, सांसद अनुराग ठाकुर, राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, जोगेंद्रनगर विधायक प्रकाश राणा, पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह ठाकुर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज जमवाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष जीवन ठाकुर, जोगेंद्रनगर विकास मंच के संस्थापक एवं प्रदेश भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के सह संयोजक केके सकलानी तथा सावन बरवाल के कोच गोपाल ठाकुर सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोगों ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।