जागरण टीम, मंडी/जोगेंद्रनगर/नेरचौक

: निजी बस ऑपरेटरों की दस सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल के चलते मंडी जिला में 456 बस रूट प्रभावित होंगे। इससे जहां बस मालिकों को करोड़ों का नुकसान होगा, वहीं यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। निजी बस ऑपरेटर यूनियन की प्रदेशस्तरीय हड़ताल के समर्थन में जोगेंद्रनगर के निजी बस ऑपरेटर भी शामिल होने जा रहे हैं। निजी बस ऑपरेटर इकबाल ¨सह का कहना है कि यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्राथमिकता रहती है। बस रूटों पर प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग द्वारा घोषित शुल्क भी तय समय पर अदा किए जाते हैं। बावजूद उसके समस्याओं पर उदासीनता का आलम देखा गया है। मंडी, शिमला व मनाली के लिए रोजाना उनकी छह रूटों पर बसों की आवाजाही होती है। इससे उन्हें हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। लेकिन हक के लिए हड़ताल में शामिल होना पड़ रहा है। वहीं ठाकुर बस सर्विस चालक राजकुमार ने बताया कि लोकल रूटों पर उनकी बस यात्रियों के लिए लाभदायक साबित रही हैं। लेकिन डीजल के बढ़ते दाम ने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है। मौजूदा समय में बस के अन्य खर्चे को पूरा करना तो दूर डीजल तक भरवाने के पैसे कम पड़ जा रहे हैं। इस कारण हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। नेरचौक के बस मालिक हेतराम का कहना है कि जब डीजल का दाम 60 रुपये प्रति लीटर से कम था तब भी वही किराया लिया जाता था जो आज लिया जा रहा है। बेरोजगारी की मार से बचने के लिए लाखों रुपये कर्ज लेकर बसें ली हैं, लेकिन खर्चें इतने ज्यादा हो गए हैं कि परिवार को पालना तो दूर रोजाना बस पर खर्च होने वाली राशी भी पूरी नहीं हो पाती है। नरेश राघवा का कहना है कि वह चक्का जाम में शामिल होंगे। बसों के किराये इतने नहीं हैं कि तेल का खर्चा भी पूरा हो सकें।

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मांग के अनुसार बसें भेजी जाएंगी। जिस रूट पर सवारी अधिक हुई, वहां तत्काल बस भेज दी जाएगी।

एएन सलारिया, मंडलीय प्रबंधक ।

Posted By: Jagran