जागरण संवाददाता, मंडी : अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से ठीक पहले सर्व देवता समिति के दोफाड़ होने की बात सर्व देवता समिति ने सिरे से नकार दी है। समिति ने दावा किया है कि उसका कोई प्रमुख पदाधिकारी पद छोड़कर नहीं किया गया। जो लोग यह दावे कर रहे हैं वह केवल राजनीति चमकाने के लिए प्रशासन को गुमराह कर रहे है। उनका सर्व देवता समिति ने कोई विशेष स्थान नहीं था।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने कहा कि समिति देव समाज के लिए काम करती है। उस पर देव संस्कृति, संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह केवल राजनीति चमकाने के लिए ही है। सर्व देवता समिति 1985 से कार्य कर रही है। केवल प्रशासन को गुमराह करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा है। समिति के चुनाव आम सभा में संवैधानिक तरीके से हुए हैं। आम सभा की बैठक में चुनाव चौहार, दरंग, सिरा, उतरसाल, स्नोर बदार, सदर तुंगल, बल्ह, सराज, बालीचौकी के करीब 70 कारदारों की सर्व सहमति से हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि देवी-देवताओं के नाम पर राजनीति करने वालों को कतई महत्व न दिया जाए। यदि किसी को शिकायत थी तो वह उनसे बात करते। किसी को पद की इच्छा थी तो आम सभा में दावा पेश करते।

देवताओं के पंजीकरण न करने के मामले पर उन्होंने कहा कि जब तक देव सदन नहीं बन जाता है, नया पंजीकरण नहीं हो सकता। यहां पर देवताओं के बैठने के लिए अभी उचित व्यवस्था नहीं है। वहीं देव खेल, देव ध्वनि आदि के आयोजन के लिए उन्होंने कहा कि यह देवताओं के आदेश से ही होगा। इस मौके पर महासचिव दिनेश शर्मा, उप प्रधान मोहन लाल ठाकुर, कोषाध्यक्ष रेवती राम, मुख्य सलाहकार हेम राज, सलाहकार वेद राम ठाकुर, युद्ध कुमार, संगठन सचिव भीष्म सिंह, भीम देव, धर्मेद्र वर्मा, खीमे राम, बुद्धे राम, हेत राम, भूमे राम, देवी सिंह, इंद्र सिंह, लीलामणी, बाला राम, खेम सिंह और धर्म चन्द मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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