जागरण टीम, मंडी : डीजल के दाम बढ़ने पर गुस्साए निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल का जिलेभर में व्यापक असर दिखा। निजी बसें न चलने से स्कूल व कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य लोगों को काफी परेशानी हुई। निजी बसों के रूटों पर नहीं दौड़ने से निगम की बसें खचाखच भरी हुई थी। राज्य परिवहन निगम ने हालांकि निजी बस आपरेटर्स की हड़ताल के मद्देनजर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर रखी थी। बावजूद इसके लोगों को बसों का इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति अधिक खराब देखने को मिली।

गोहर उपमंडल में दिनभर बसें न चलने के कारण लोग परेशान हुए। निजी बस आपरेटर्स का कहना है तेल की कीमत 72 रुपये पार हो गई है, जबकि सरकार और परिवहन निगम की ओर से 2013 के बाद बस किराये में एक पैसे की वृद्धि नहीं की गई है। एनआर चौहान, लक्की, बीआर ठाकुर, नरेश आदी आपरेटरों ने मांग की है कि बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये और किराये में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाए या फिर तेल की कीमतों को वापस लिया जाए।

जाहू से मंडी के लिए सुबह भांबला, ढलवान, तमलेड आदि कस्बो में बसें न रूकने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन बाद में सरकाघाट से वाया जाहू अतिरिक्त बसें चलने से लोगों ने राहत की सांस ली। जोगेंद्रनगर में यात्रियों को जब बसें न मिल पाई तो मालवाहक वाहनों में भी सफर को मजबूर हो गए। जबकि निजी टैक्सियों में को सफर के दौरान जेब ढीली करनी पड़ी। स्थानीय बस अड्डे में यात्रियों की भीड़ रही। प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कुलदीप ठाकुर ने जोगेंद्रनगर बस अड्डे में हालात का जायजा लिया। उनके साथ यातायात प्रभारी गोपाल ठाकुर भी मौजूद रहे।

बालीचौकी में निजी बस ऑपरेटर्स की ओर से बसें न चलाने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में वर्तमान में अधिकांश रूटों पर निजी बसें ही चलती हैं। इसलिए बालीचौकी थाची और बालीचौकी-सुधरानी सड़क पर लोगों को छोटे वाहनों की सेवाएं लेनी पड़ी।

निजी बस आपरेटर्स यूनियन के राज्य सचिव एवं वीरेंद्र गुलेरिया ने बताया अगर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे तो प्राइवेट बसों, ट्रकों, छोटी गाड़ियों, टैक्सियों के किराये बढ़ाने की मांग उठना स्वाभाविक है। सरकार को दो टूक कहा है कि जबतक उनकी समस्याओं का हल नही हो पाता है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

Posted By: Jagran