सहयोगी, पद्धर : हिम आंचल पेंशनर्स कल्याण संघ द्रंग ने पेंशन भत्ते को मूल वेतन में शामिल न किए जाने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ तल्खी दिखाई है। संघ ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र इसकी अधिसूचना जारी कर पेंशनरों को राहत पहुंचाई जाए। वन विश्राम गृह द्रंग में आयोजित पेंशनर कल्याण संघ की बैठक में अध्यक्ष एमसी चौहान ने कहा उनकी मांगों पर सरकार का रवैया नकारात्मक रहा है। यह कतई सहन नहीं किया जाएगा। लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए प्रदेश सरकार सभी विभागों को एकमुश्त बजट जारी करे। इसके अलावा चिकित्सा बिल एक हजार रुपये मासिक करने, पेंशनरों के आश्रितों को नौकरी में आरक्षण का प्रावधान करने, करुणामूलक आधार पर नौकरी को बहाल करने, हर दो वर्ष के उपरांत पेंशनरों को एलटीसी की सुविधा के लिए एक महीने की अतिरिक्त पेंशन दिए जाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई।

वहीं पूर्व सैनिकों की तर्ज पर वन रैंक वन पेंशन के आधार पर सिविल पेंशनरों को भी सुविधा दिए जाने की मांग उठाई। इन तमाम मांगों के साथ साथ पुरानी पेंशन बहाल करने, विद्युत बोर्ड और एचआरटीसी के पेंशनरों के देय सभी भत्तों की एकमुश्त अदायगी को लेकर बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को भेजा।

इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी के निधन पर दो मिनट का मौन रख कर दिवगंत आत्मा की शांति के लिए कामना की।

संघ ने साफ शब्दों में कहा सरकार उक्त मांगों को शीघ्र पूरा करती है तो आगामी लोकसभा चुनाव में पूरा समर्थन रहेगा। बैठक में संघ के मुख्य सलाहकार सतीश शर्मा, मनोज कुमार, राम दास, भगत राम, गोकुल चंद, खजाना राम, नरेंद्र कुमार, रामेश्वर, सोम देव, केडी शर्मा और लछमण पालसरा ने भी अपने विचार रखे।

Posted By: Jagran