जागरण संवाददाता, मंडी : वाहन पा¨सग की एवज में कुछ वाहन मालिकों से 500-500 रुपये की मांग करने के मामले की जांच रिपोर्ट अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी राजीव कुमार ने उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में न तो आरटीओ मंडी को क्लीन चिट दी गई है न ही उन्हें दोषी करार दिया गया है। रिपोर्ट पर अब परिवहन निदेशक अंतिम फैसला लेंगे। जांच में शिकायत करने वाले वाहन मालिकों ने जुर्माना राशि को लेकर सवाल उठाए हैं। वाहन मालिकों का कहना था कि पा¨सग की एवज में उनसे सीधे पैसे की मांग नहीं की गई, बल्कि जुर्माने के तौर पर 500-500 रुपये जमा करवाने को कहा गया, जिसके लिखित आदेश कोई नहीं दिए गए। वहीं, आरटीओ मंडी ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 52 का हवाला देकर अपना व अपने कार्यालय के अन्य कर्मचारियों का बचाव करने का प्रयास किया है। सीधे तौर पर पैसे न मांगने की बात भले ही आरटीओ को थोड़ी राहत प्रदान कर रही है। लेकिन अपने बचाव में जिस धारा 52 का हवाला दिया है। उसमें वह उलझते नजर आ रहे हैं। जांच अधिकारी ने दोनों बातों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

गेंद अब निदेशक परिवहन के मामले में डाल दी है। अपने लिखित बयान में आरटीओ मंडी ने तर्क दिया है कि धारा 52 के तहत वाहन में बॉडी या फिर उसमें बदलाव करने से पहले उसका पंजीकरण करवाना जरूरी है। अनुमति के बिना बॉडी नहीं लगाई जा सकती है। यह तर्क किसी के हलक से नीचे नहीं उतर रहा है। धारा 52 में कहीं पर भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि वाहन पर बॉडी लगाने से पहले उसका पंजीकरण करवाना जरूरी है। अमूमन बॉडी लगने के बाद ही वाहनों की पा¨सग व पंजीकरण होता है। अगर किसी वाहन मालिक ने चैसी के स्वरूप से छेड़छाड़ कर उसका आकार बढ़ा दिया है, या फिर इंजन में कोई बदलाव किया है। धारा 52 के तहत ऐसे वाहन मालिक को पा¨सग के दौरान जुर्माना लगाने या वाहन की पा¨सग न करने का प्रावधान है।

एमवीआइ ने भी फाइल में इस बात का जिक्र किया था। फिर ऐसे में अगर जुर्माना तय था तो उसे फाइल पर क्यों नहीं लिखा गया। मौखिक तौर पर जुर्माना राशि क्यों जमा करवाने को कहा गया? इस बात पर जांच अधिकारी ने भी सवाल उठाए हैं। यही बात अब आरटीओ के लिए परेशानी बन सकती है।

-------- वाहन पा¨सग की एवज में पैसे मांगने की जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट निदेशक परिवहन को आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी गई है।

-ऋग्वेद ठाकुर, उपायुक्त, मंडी।

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