संवाद सहयोगी,जोगेंद्रनगर : विकास खंड चौंतड़ा की 40 से अधिक पंचायतों में आग पर समय रहते काबू पाने के प्रबंध नहीं हैं। इस कारण हर साल लाखों रुपये की बहुमूल्य संपत्ति राख हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को आग से बचाने के लिए मनरेगा सेल्फ में भी प्रविधान है। आग की घटनाओं से निपटने के लिए अगर जन प्रतिनिधि और अधिकारी संसाधन उपलब्ध करवा सकते हैं। लेकिन विभागीय उदासीनता और जन प्रतिनिधियों की दिलचस्पी न दिखाने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में आग की घटनाएं हो रही हैं। एक सप्ताह के अंतराल में ही विकास खंड चौंतड़ा की दो पंचायतों में आग की घटनाओं से 35 लाख रुपये की संपत्ति राख हो गई। भराडपट्ट गांव में बीते कुछ दिन पहले हुई घटना में 10 लाख की संपत्ति स्वाह हुई है। पंचायतों में जल भंडारण की कमी के कारण शहर से दमकल वाहन बुलाना पड़ता है। विकास खंड चौंतड़ा की 80 फीसद पंचायतों में जल भंडारण टैंक का निर्माण ही नहीं हो पाया है।

जोगेंद्रनगर दमकल विभाग के प्रभारी शेर सिंह सकलानी का कहना है कि पंचायतों में मनरेगा के तहत अनेकों विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क न होने के कारण आग की घटनाओं पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है।

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मनरेगा सेल्फ में ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंकों के निर्माण का प्रविधान है। कुछ पंचायतों में मनरेगा के तहत टैंकों का निर्माण भी करवाया गया है। हर पंचायत में दस दस हजार लीटर की क्षमता वाले जल भंडारण टैंक का निर्माण किया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आग पर काबू पाने में सहायता मिलेगी और शहरी क्षेत्र से दमकल वाहनों पर निभर्रता खत्म होगी।

-विवेक चौहान, खंड विकास अधिकारी चौंतड़ा।

Edited By: Jagran