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मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में बिना नोटिस नौकरी से निकाले 13 कर्मचारी, आहत होकर एक ने जहर निगला

By Subhash Ahluwalia Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 01:30 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित नेरचौक मेडिकल कॉलेज से 13 आउटसोर्स वार्ड ब्वाय को अचानक ड्यूटी से हटा दिया गया, जिससे एक कर्मचारी ने आत्महत्या का प्रयास किया।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज में नौकरी से निकालने से आहत एक कर्मी ने जहर निगल लिया।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज में नौकरी से निकालने से आहत एक कर्मी ने जहर निगल लिया।

HighLights

  1. नेरचौक मेडिकल कॉलेज से 13 आउटसोर्स वार्ड ब्वाय हटाए गए।

  2. नौकरी जाने से आहत कर्मचारी ने जहर निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया।

  3. प्रभावितों ने उच्चस्तरीय जांच और सभी की बहाली की मांग की।

सहयोगी, नेरचौक (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे 13 वार्ड ब्वाय को अचानक ड्यूटी से हटा दिया गया। रोजगार छिनने से उपजे गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के कारण एक कर्मचारी ने जहर निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। अब मामला तूल पकड़ गया है।

अस्पताल में काफी समय से सेवाएं दे रहे 13 वार्ड ब्वाय को बिना किसी पूर्व ठोस व्यवस्था या नोटिस के अचानक काम से बाहर कर दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि इस कार्रवाई से उनके सामने दो वक्त की रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ठेकेदार पर शोषण के आरोप

प्रभावित कर्मचारियों ने संबंधित आउटसोर्स ठेकेदार पर भी मनमानी और शोषण के आरोप लगाए हैं। अचानक रोजगार छिनने और भविष्य को लेकर छाए अनिश्चितता के बादलों से आहत होकर वार्ड ब्वाय बलवंत सिंह ने खौफनाक कदम उठाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया।

गनीमत यह रही कि समय रहते उसे अस्पताल में ही उपचार मिल गया, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार और अन्य प्रभावित कर्मचारियों में भारी रोष है।

विधायक अस्पताल पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही बल्ह क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी तुरंत अस्पताल पहुंचे और पीड़ित कर्मचारी का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो

दूसरी ओर, प्रभावितों और उनके स्वजन ने प्रदेश सरकार तथा अस्पताल प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही, सभी 13 वार्ड ब्वाय को तुरंत प्रभाव से बहाल कर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए, अन्यथा वह उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

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