सुरेंद्र शर्मा, मंडी

हिमाचल में अब योगासन घर की चारदीवारी से बाहर निकलेगा। योगासन की छुपी हुई प्रतिभाओं को दिखाने के लिए मंच मिलेगा। प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। इसके लिए सबसे पहले राष्ट्रीय योगा फेडरेशन जिला से लेकर राज्य स्तर तक संगठनात्मक ढांचा तैयार करेगा। प्रतिभावान खिलाड़ियों की टीम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार की जाएगी।

आल इंडिया योगासन फेडरेशन के सदस्य, ट्रेनर व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योग राज महाराष्ट्र के अंधेरी से मंडी जिले में पहुंच कर न केवल प्रतिभाओं को खोजने में जुट गए हैं बल्कि संगठनात्मक ढांचा भी तैयार कर लिया है। देश के अन्य राज्यों में योगासन को खेल के रूप में भी खेला जा रहा है। प्रदेश में एक खेल के रूप में योगासन को पहचान अब तक नहीं मिल पाई है।

दो व तीन अक्टूबर को हरियाणा के रोहतक में योगासन की राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। इसमें देश के विभिन्न राज्यों की आठ से 50 साल तक की आयु वर्ग के महिला-पुरुष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हिमाचल की टीम भी नेशनल में भाग लेगी। मंडी शहर के साथ लगते रोपड़ू क्षेत्र के 10 साल के इशु कुमार का भी नेशनल के लिए चयन किया है। इशु आठ से 12 साल के आयु वर्ग में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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आल इंडिया योगा फैडरेशन ने अब पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी संगठनात्मक ढांचा तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। फेडरेशन का मकसद छुपी हुई प्रतिभाओं को सामने ला कर उनको तराशना है।

-योगराज गुरु, सदस्य, ट्रेनर व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, आल इंडिया योगा फेडरेशन

Edited By: Jagran