सहयोगी, सुंदरनगर : नगर परिषद सुंदरनगर किराये का भुगतान नहीं करने वाले दुकानदार के खिलाफ अब कार्रवाई करने के एक्शन मोड में है। कई बार सूचित करने के बाद भी लापरवाह बने रहे दुकानदारों पर अब शिकंजा कस दिया है। ऐसे ही करीब 70 डिफाल्टर दुकानदारों को किराया न देने पर नगर परिषद ने कानूनी नोटिस थमा दिया है। दुकानदारों को 15 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब न देने वाले दुकानदारों के कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद की इस कदम के बाद दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है। करीब एक करोड़ रुपये किराया का अब तक भुगतान नहीं हुआ है।

छोटे एवं मध्यम शहरों का एकीकृत विकास (आइडीएसएमटी)योजना के अंतर्गत नगर परिषद सुंदरनगर ने बस स्टैंड के साथ 75 दुकानों के व्यावसासिक परिसर का निर्माण करवाया था। नीलामी के माध्यम से 2012 में दुकानों का आवंटन हुआ था। 70 से 75 दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने नौ साल से नगर परिषद को किराया नहीं दिया है। इन दुकानदारों से किराया देने के लिए बार-बार आग्रह किया गया लेकिन किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। नगर परिषद ने ऐसे करीब 70 सूचीबद्ध किया और इन्हें डिफाल्टर घोषित कर कानूनी नोटिस थमा दिए हैं। इनको 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर किराया भुगतान न करने के कारणों का ये लोग सही जवाब नहीं दे पाए तो इन पर कानूनी कार्रवाई होना तय है।

नगर परिषद की माली हालत पतली हुई

नगर परिषद ने ये सोच कर व्यावसासिक परिसर का निर्माण किया था कि उसकी आमदनी में वृद्धि हो। इस पैसे से विकास कार्यो को आगे बढ़ाया जा सके। लोगों को स्वरोजगार के लिए स्थान मिल सके। लेकिन उसकी इस सोच पर दुकानदारों की लापरवाही ने पानी फेर दिया है। वर्तमान में दुकानदारों से इतने लंबे अरसे बाद भी किराया न मिलने से नगर परिषद की माली हालत दयनीय हो चुकी है। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। डिफाल्टर दुकानदार की अलाटमेंट रद कर परिषद दुकानों की नए सिरे से नीलामी करवाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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दुकानों के किराये का लंबे समय से दुकानदारों ने भुगतान नहीं किया है। कई बार मौखिक रूप से भी इसके लिए दुकानदारों को अवगत कर चुके हैं। अब 70 दुकानों को कानूनी नोटिस दिए दिए हैं। लापरवाही किसी भी सूरत में अब बर्दाश्त नहीं होगी।

उर्वशी वालिया, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सुंदरनगर

Edited By: Jagran