संवाद सहयोगी, मंडी : नगर निगम मंडी में विकास कार्यो को धरातल पर उतारने की गति फिर धीमी पड़ सकती है। दो में से एक कनिष्ठ अभियंता का तबादला ऊना जिले की नगर परिषद टाहलीवाल हो गया है, जबकि आउटसोर्स आधार पर दो जूनियर कनिष्ठ अभियंताओं की तैनाती का मामला अभी निदेशालय में फंसा है। इससे 15 वार्डों वाले नगर निगम की इंजीनियरिग ब्रांच का दारोमदार अब सहायक अभियंता व एक कनिष्ठ अभियंता के कंधे पर आ गया है।

मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी का नगर निगम अस्तित्व में आने के साल बाद भी स्टाफ की कमी झेल रहा है। तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति न होने से नगर निगम मंडी में आज भी नगर परिषद के पुराने ढर्रे पर ही कार्य हो रहा है। कुछ समय पहले नगर निगम में सहायक अभियंता की स्थायी तौर पर नियुक्ति हुई है। इससे नगर निगम में विकास कार्य पटरी पर लौट रहे थे। सहायक अभियंता व दो कनिष्ठ अभियंता रात दिन कार्य कर विकास कार्यों को अंजाम दे रहे थे, लेकिन अब एक का तबादला होने से काम प्रभावित होगा। असिस्टेंट कमिश्नर अगले सप्ताह संभालेंगे कार्यभार

नगर निगम मंडी में असिस्टेंट कमिश्नर की स्थायी नियुक्ति के आदेश हो गए हैं। अगले सप्ताह उनके कार्यभार संभालने की उम्मीद है। नगर निगम में कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के पास है। पंद्रह वार्ड वाले नगर निगम में चार से पांच कनिष्ठ अभियंता की आवश्यकता है। नगर निगम में स्थायी असिस्टेंट कमिश्नर की नियुक्ति के आदेश जारी हो गए हैं। जल्द ही नगर निगम में असिस्टेंट कमिश्नर कार्यभार संभालेंगे। आउटसोर्स आधार पर कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति के लिए निदेशालय की ओर से जारी होने वाले आदेश का इंतजार है।

-राजीव कुमार, कमिश्नर नगर निगम मंडी।

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