संवाद सहयोगी, सरकाघाट : उपमंडल धर्मपुर की सोन व सहायक खड्ड नाल्ड, बल्याणा, अलैन, चसवाल, सटियार में खनन जोरों पर है। खनन माफिया बिना विभाग के डर से खनन को अंजाम दे रहा है। प्रतिदिन करीब 200 मजदूर कार्य रहे हैं। ट्रैक्टर के माध्यम से रेत और बजरी को ठिकाने लगाया जा रहा है। लोगों की शिकायत के बाद भी खनन माफिया बेपरवाह बना हुआ है। खनन माफिया पर कोई नकेल नहीं सकी जा रही है।

लोगों का आरोप है कि यहां से निकाले जा रहे रेत-बजरी को पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति विभाग की योजनाओं में धड़ल्ले से प्रयुक्त किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि खनन विभाग की गलत नीतियां खनन को रोकने के बजाय संरक्षण देने का कारण साबित हुई हैं। इसके लिए राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

-------------

डेढ़ दशक से हो रहा खनन

क्षेत्र में करीब डेढ़ दशक से खनन हो रहा है। इससे सैकड़ों उपजाऊ भूमि भी बंजर हो गई है। भूस्खलन के कारण मकान, गोशाला और पक्के रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय जनता अवैध खनन के दुष्प्रभावों को झेलने में मजदूर हो गई है।

--------------

अब तक 33 मामले किए गए दर्ज

हालांकि पुलिस ने खनन माफिया पर लगाम कसने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पुलिस ने 103 चालान करके 157200 का जुर्माना वसूला जबकि 6 मामले कोर्ट भेजे हैं। खनन विभाग ने सितंबर और अक्तूबर माह में महज पांच मामले दर्ज किए जबकि अप्रैल माह तक कुल 33 मामले दर्ज हुए।

----------

खनन रोकने के लिए खड्डों का निरीक्षण किया जाता है। रात के समय खनन माफिया इस कार्य को अंजाम दे रहा है। फिर भी मौके पर कार्रवाई की जाएगी।

-सुरेश कुमार, खनन अधिकारी मंडी।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस