गोहर, जेएनएन। सराज विधानसभा क्षेत्र की उपतहसील बालीचौकी के एक सरकारी स्कूल में अनुसूचित जाति के बच्चों को अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बालीचौकी के एक सरकारी स्कूल के बच्चों ने अपने अभिभावकों को बताया कि उन्हें अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसा जाता है। बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने देखा कि सामान्य वर्ग के बच्चों व अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों को अलग-अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसा जा रहा था। उन्होंने इसका मोबाइल फोन पर वीडियो बना लिया।

स्कूल की अध्यापिका व मुख्य अध्यापिका से जब उन्होंने बच्चों को अलग-अलग पंक्ति में बैठाने के बारे में पूछा वे अजीब तर्क देने लगी। जब मुख्य अध्यापिका को मालूम हुआ कि अभिभावक मोबाइल फोन पर वीडियो बना रहे हैं तो उन्होंने जल्दी से बच्चों को रोल नंबर के आधार पर बिठाने के लिए खड़ा कर दिया और कहने लगी कि जिसने खिचड़ी खानी है खाए और जिसने नहीं खानी है न खाए, मगर रोल नंबर वाइज बैठना ही पड़ेगा।

स्कूल की अध्यापिका से पूरे मामले में पूछने पर बताया कि सोमवार को दो अभिभावक स्कूल आए थे। उन्होंने बताया कि हमने बच्चों को अलग नहीं बिठाया था। वे खुद ही बैठ जाते हैं। सामान्य वर्ग के बच्चे थालियां नहीं लाये। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि उनके माता-पिता ने भोजन न खाने के लिए कहा होगा। वे बच्चों को इकट्ठे होकर भोजन करने के लिए प्रेरित करेंगे। उधर, एक अभिभावक ने एसपी मंडी को इस पूरे मामले में शिकायत पत्र भेजकर स्कूल की अध्यापिका और मिड डे मील वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बालीचौकी के एक सरकारी स्कूल में अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों को अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसने की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। वाट्सएप पर भेजी गई शिकायत को चेक किया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से छानबीन करेगी।

गुरुदेव चंद शर्मा, एसपी मंडी।

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