जागरण संवाददाता, मंडी : विकास खंड धर्मपुर की डरवाड़ पंचायत के मनरेगा मजदूरों ने बुधवार को जिला श्रम अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। मजदूरों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पंचायत के दो सौ से अधिक मजदूरों को आठ माह से वांशिग मशीन, सोलर लैंप, इंडक्शन, हीटर, छात्रवृत्ति व विवाह सहायता राशि के चेक वितरित नहीं किए गए हैं।

सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र ¨सह ने कहा कि धर्मपुर में सीटू व किसान सभा ने हजारों मजदूरों को राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकृत किया है। इन्हें पिछले वर्ष ये सामग्री बोर्ड से स्वीकृत हुई थी। वितरण का काम नई सरकार बनने के बाद शुरू हुआ था। धर्मपुर में सामग्री वितरण को वहां के विधायक व वर्तमान सरकार में मंत्री महेंद्र ¨सह ने स्वयं करने की शर्त लगा दी थी। 26 पंचायतों का सामान उनकी अध्यक्षता में 11 स्थानों पर दो मार्च से 20 जून के बीच वितरित किया गया। लेकिन डरवाड़ पंचायत का सामान अब तक भी मजदूरों को नहीं दिया गया जो बोर्ड के निर्देशों के अनुसार 31 मार्च 2018 तक वितरित होना चाहिए था। इस मामले को लेकर कई बार श्रम अधिकारी मंडी से अनुरोध किया गया। चार मांगपत्र मुख्यमंत्री सहित शिमला बोर्ड के सचिव को दिए गए। सात सितंबर को शिमला में उनसे भेंट भी की गई। उन्होंने श्रम अधिकारी को ये समान जल्द वितरित करने के आदेश बोर्ड ने तीन बार जारी किए। लेकिन मंत्री के दबाव के कारण श्रम अधिकारी मंडी ने सामान का वितरण नहीं किया। मजबूरन मजदूरों को मंडी में आकर कार्यालय का घेराव करना पड़ा।

विवाद बढ़ता देख श्रम अधिकारी ने लिखित आश्वासन दिया कि 16 सितंबर को वा¨शग मशीनें डरवाड़ पंचायत में पहुंचा दी जाएंगी। सीटू के महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि बोर्ड से स्वीकृत सामग्री के वितरण में हो रही राजनीति को रोकने के लिए उच्च न्यायलय में भी याचिका दायर की जाएगी। 14 सितंबर को शिमला में हो रही सलाहकार समिति की बैठक में मुद्दा उठाया जाएगा। श्रम मंत्री और बोर्ड को मांगपत्र भी भेज दिया गया है। उन्होंने सरकार से श्रमिक कल्याण बोर्ड का चेयरमैन जल्द नियुक्त करने की मांग की।

इस मौके पर संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परस राम, रविकांत, गोपेंद्र शर्मा, रणताज राणा, मोहन लाल, कश्मीर ¨सह, करतार ¨सह व रामचंद भी मौजूद थे।

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