मंडी, जागरण संवाददाता। प्रदेश सरकार ने भाजपा के समय खुले कार्यालय तो डीनोटिफाई किए ही, आनन फानन में दो अधिकारी भी डिमोट कर दिए। दोनों अधिकारी बिजली बोर्ड में अधीक्षण अभियंता पद पर कार्यरत थे। दोनों की नियमों के तहत अधीक्षण अभियंता पद पर पदोन्नति हुई थी। बोर्ड की विभागीय पदोन्नत कमेटी (डीपीसी) ने दोनों की पदोन्नति पर मुहर लगाई थी। वरीयता के लिहाज से दोनों की पदोन्नति तय थी।

सुंदरनगर मंडल में कार्यरत अधिशाषी अभियंता विकास शर्मा को पदोन्नति के बाद मंडी वृत्त कार्यालय में तैनात किया था। वह करीब तीन माह से यहां सेवा दे रहे थे। वरुण कुमार शिमला जिले के ठियोग मंडल में अधिशाषी अभियंता थे। दोनों की पदोन्नति अक्टूबर में हुई थी। वरुण कुमार को मंडी जिले के धर्मपुर वृत्त में नियुक्त किया था। धर्मपुर व कांगड़ा जिले के नूरपुर में वृत्त कार्यालय अक्टूबर में खुले थे।

भाजपा सरकार के समय कार्यालय डीनोटिफाई किए

प्रदेश सरकार ने अन्य विभागों में भी भाजपा सरकार के समय चुनाव से कुछ माह पहले खुले सैकड़ों कार्यालय डीनोटिफाई किए। उन कार्यालयों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को दूसरे स्थानों पर समायोजित किया गया। किसी अधिकारी को डिमोट नहीं किया गया। सरकार ने किसी अधिकारी को डिमोट करने के आदेश नहीं दिए थे।

बिजली बोर्ड के इस निर्णय से अब सुंदरनगर व ठियोग मंडल में कार्यरत अधिशाषी अभियंताओं को अब अपने लिए नया स्टेशन देखना होगा। नूरपुर वृत्त में तैनात अधीक्षण अभियंता जफर इकबाल का स्थानांतरण रद कर सरकार ने उन्हें दोबारा मंडी वृत्त का जिम्मा सौंपा है।

शिमला बिजली बोर्ड कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार ने कहा मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। कार्यालय से बाहर हूं। कार्यालय जाने के बाद ही इस बारे में बता पाऊंगा। 

Edited By: Jagran News Network

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