संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : जोगेंद्रनगर में बस डिपो की अधिकारिक अधिसूचना जारी होने से लोगों की अरसे से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इससे उपमंडल की सवा लाख आबादी को लाभ मिलेगा। इससे पहले विधानसभा क्षेत्र जोगेंद्रनगर जिला कांगड़ा के बैजनाथ परिवहन निगम के बस डिपो पर निर्भर था। गत वर्ष नौ दिसंबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जोगेंद्रनगर प्रवास के दौरान रामलीला मैदान से क्षेत्रवासियों को परिवहन निगम के बस डिपो की घोषणा की थी। करीब तीन माह बाद तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए सरकार ने जोगेंद्रनगर में परिवहन निगम के बस डिपो की घोषणा कर दी है।

अब जोगेंद्रनगर पथ परिवहन निगम के नाम की बसें प्रदेश और प्रदेश के बाहर देखने को मिलेगी। करीब 15 बीघा भूमि का चयन बस डिपो के लिए किया गया है। जहां पर परिवहन निगम की बसों की कार्यशाला, पेट्रोल पंप सहित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय और स्टाफ आदि रहेगा।

--------------

1974 में खुला था खेपन कार्यालय

20 दिसबंर 1974 को जोगेंद्रनगर में परिवहन निगम का खेपन कार्यालय शुरू हुआ है। वर्ष 1995 में सब बस डिपो की घोषणा प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र ¨सह ने कर दी थी। नौ फरवरी 2004 को मुख्यमंत्री वीरभद्र ¨सह ने परिवहन मंत्री जीएस बाली की अध्यक्षता में और पूर्व विधायक ठाकुर सुरेंद्र पाल की मौजूदगी में बस अड्डे के लिए भवन की सौगात दी। जरूरी था जोगेंद्रनगर में बस डिपो

सब बस डिपो जोगेंद्रनगर में रोजाना करीब 300 बस रूटों की बसों का आवागमन होता है। इनमें 130 रूटों पर बसें अकेले विधानसभा क्षेत्र में ही चलती हैं। करीब छह से आठ हजार यात्री आवागमन करते हैं। जबकि 4500 से अधिक बस पास धारक हैं। जिन्हें आए दिन परिवहन निगम के लचर प्रबंधन का शिकार होना पड़ता था।

--------------

उपमंडल के लोगों की वर्षो लंबित बस डिपो की मांग को पूरा कर दिया गया है। प्रदेश सरकार के द्वारा बस डिपो की अधिसूचना जारी करने के बाद बस डिपो से सबंधित तमाम सुविधाएं क्षेत्र में विकसित होगी।

-रामस्वरूप शर्मा, सांसद मंडी संसदीय क्षेत्र।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप