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मंडी में तीन मंजिला भवन में भड़की आग, लपटों के बीच फंस गए दंपती व बच्ची; दमकल टीम ने जान पर खेलकर बचाई जिंदगियां

By Pushap Raj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 20 Apr 2026 03:34 PM (IST)

मंडी के जेलरोड पर एक तीन मंजिला भवन में आधी रात भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर फँसे एक ...और पढ़ें

मंडी शहर में मकान में भड़की आग से हुआ नुकसान।

मंडी शहर में मकान में भड़की आग से हुआ नुकसान।

HighLights

  1. मंडी में तीन मंजिला भवन में आधी रात लगी आग।

  2. दमकल टीम ने फँसे दंपती और बच्ची को बचाया।

  3. गैस सिलेंडर हटाकर बड़ा विस्फोट होने से टला।

संवाद सहयोगी, मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में एक भयंकर अग्निकांड हुआ। छोटी काशी मंडी के जेलरोड में मांडव अस्पताल के समीप आधी रात चीख पुकार मच गई। मध्यरात्रि करीब एक बजे एक तीन मंजिला भवन में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देवा बंधु के इस भवन की दूसरी मंजिल से उठते धुएं के गुबार और आग की भीषणता ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।

किरायेदार दंपती बच्चे के साथ फंसा

देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और भवन में धुआं भरने के कारण वहां मौजूद लोगों का दम घुटने लगा। घटना के दौरान दूसरी मंजिल पर किराए के कमरे में एक दंपती अपनी नन्हीं बच्ची के साथ गहरी नींद में सोया हुआ था, जो अचानक आग की लपटों और धुएं के बीच फंस गए। 

शटर का ताला काटकर भीतर गए

आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। चुनौतियां कम नहीं थीं, क्योंकि सड़क के निचले हिस्से से दूसरी मंजिल तक पहुंचना दमकल जवानों के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं था। जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पास के शटर का ताला काटा और भीतर प्रवेश किया। 

कमरे की खिड़की तोड़कर सुरक्षित रेस्क्यू

जब उन्हें पता चला कि एक परिवार आग के बीच फंसा है, तो उन्होंने बिना समय गंवाए कमरे की खिड़की तोड़कर पति-पत्नी और मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। 

दमकल विभाग की सूझबूझ ने न केवल जिंदगियां बचाईं, बल्कि नीचे की मंजिल में रखे रसोई गैस सिलेंडरों को भी समय रहते बाहर खींच लिया, जिससे एक बड़ा विस्फोट होने से टल गया। 

क्या कहते हैं दमकल अधिकारी

फायर स्टेशन अधिकारी कर्म चंद कश्यप ने बताया कि इस बचाव अभियान में लीडिंग फायरमैन लेख राम, चालक संजय चौहान, प्रशामक महेंद्र सिंह और राकेश कुमार ने जान जोखिम में डालकर अहम भूमिका निभाई। विभाग की त्वरित कार्रवाई से करीब 25 लाख रुपये की संपत्ति को खाक होने से बचा लिया गया, हालांकि इस अग्निकांड में लगभग दो लाख रुपये का घरेलू व व्यापारिक सामान जलकर राख हो गया है। अभी आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है।

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