संवाद सहयोगी, मंडी : मंडी शहर में पैदा हुए चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ मल्होत्रा के पहले अंग्रेजी उपन्यास ब्लड इज थिकर का होटल राजमहल के लॉन में सादे समारोह के दौरान लोकार्पण किया गया। हिदी के वरिष्ठ साहित्यकार एवं मशहूर हिदी फिल्म गीत गाया पत्थरों ने की कहानी के लेखक कृष्ण कुमार नूतन ने इस उपन्यास को मंडी में लांच किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं उपन्यासकार डॉ. गंगा राम राजी व बागवानी विशेषज्ञ एवं यात्रा संस्मरण 'दुनिया जैसी मैने देखी' के लेखक डॉ. चिरंजीत परमार के अलावा शहर के कई नामी साहित्यकार, व्यवसायी व अन्य लोग मौजूद रहे। डॉ. सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता स्व. डॉ. चमन लाल मल्होत्रा ख्याति प्राप्त एवं पुरस्कृत लेखक रहे हैं। उनकी पुस्तक हिमाचल के स्वतंत्रता संग्राम हिमाचल अकादमी की ओर से पुरस्कृत हुई है। इसके अलावा कलयुग के देवता नाम से उनका उपन्यास भी प्रकाशित हुआ है। डॉ. सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपनी यह पुस्तक अपने स्व. पिता डॉ. सीएल मल्होत्रा को समर्पित की है।

इस पुस्तक में शिमला के इतिहास व देश के स्वाधीनता संग्राम का जिक्र करने के अलावा दक्षिण अफ्रीका के अश्वेत आंदोलन का भी वर्णन किया गया है।

उन्होंने इस उपन्यास से मिलने वाली रायल्टी का दस प्रतिशत रोटरी संस्था को देने का ऐलान करते हुए तीन सौ डॉलर (करीब 2100 रुपये) का चेक रोटरी क्लब के अध्यक्ष व उनकी टीम को सौंपा। इस अवसर पर लेखक संवाद के अलावा केके नूतन और डॉ. सिद्धार्थ मल्होत्रा के व्यक्तित्व पर भी चर्चा की गई।

Posted By: Jagran

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