मुकेश मेहरा, मंडी

देव कमरुनाग घाटी में मनरेगा पार्क के बाद अब कृत्रिम झील बनाई जा रही है। ज्यूणी खड्ड में इस झील का काम ग्राम पंचायत शाला ने आरंभ कर दिया है। यह झील एक करोड़ से बनेगी। इसमें जलक्रीड़ाएं करवाई जाएंगी, साथ ही पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए भी किया जाएगा।

शाला पंचायत में बहने वाली ज्यूणी खड्ड में बनने वाली इस झील का नाम ज्यूणी बांध रखा गया है। चांबली में अभी खड्ड में पानी का स्तर कम होने के कारण इसे अन्य जगह बदला गया है और बांध का निर्माण आरंभ कर दिया गया है। इस झील की लंबाई 200 मीटर होगी, जबकि 35 मीटर चौड़ी और दो से तीन मीटर गहरी होगी। झील का निर्माण करने का छह माह का लक्ष्य रखा है। बांध तीन से चार मीटर बनाया जाएगा। इसके बनने से सराज में जलक्रीड़ाओं (वाटर स्पो‌र्ट्स) को बढ़ावा मिलेगा, वहीं इसका पानी आसपास के तीन गांवों की भूमि को सिंचित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए अलग से नालियों आदि का निर्माण पंचायत करेगी।

झील के आस पास पेड़ व पौधे भी लगाने की योजना है, ताकि इसकी सुंदरता और बने। शाला पंचायत इससे पहले विश्राम गृह बनाने और देव कमरुनाग मंदिर तक सड़क मनरेगा के तहत ही बनाने का कार्य कर चुकी है। माइक्रोसोलर सिस्टम से भी पानी उठाया जाएगा

पंचायत की योजना के अनुसार माइक्रोसोलर सिस्टम से पानी को अन्य स्थानों के लिए उठाया जाएगा, ताकि जिन ऊंचाई वाले क्षेत्र में सिंचाई की दिक्कत आती है वहां पर खेतों तक पानी पहुंच सके। इसके लिए पंचायत अधिकारियों की मदद से योजना बना रही है। वहीं इस झील के बनने से आसपास के वाटर रिसोर्स भी रिचार्ज होंगे। पंचायत में मनरेगा के तहत ज्यूणी खड्ड पर बांध का निर्माण कर कृत्रिम झील बनाई जा रही है। यहां पर वाटर स्पो‌र्ट्स गतिविधियां शुरू करेंगे। इसके पानी को लिफ्ट कर सिंचाई के लिए तीन गांवों तक पहुंचाया जाएगा। मनरेगा के तहत यह पहली झील बन रही है।

-राजकुमार, उप प्रधान ग्राम पंचायत शाला।

Edited By: Jagran