जागरण संवाददाता, मंडी : देवभूमि हिमाचल के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी ने कवायद शुरू कर दी है। इस साल आठ स्थानीय स्टार्टअप का चयन किया गया है। प्रौद्योगिकी के अलावा इन स्टार्टअप को आइआइटी प्रबंधन वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाएगी।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुछ माह पहले आइआइटी मंडी में एक कार्यक्रम में हिम स्टार्टअप योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये बतौर फंड देने की घोषणा की थी। योजना के अंतर्गत चिह्नित आठ स्टार्टअप को दो करोड़ की ग्रांट जारी की गई है। इसमें वही स्टार्टअप चयनित हुए हैं, जिनके उत्पाद विकास के उन्नत चरणों में हैं और निकट भविष्य में व्यवसायीकरण के लिए मार्केट में आने की तैयारी में हैं। चयनित स्टार्टअप को अपने उत्पादों को लांच करने के लिए आइआइटी मंडी का कैटालिस्ट विंग सलाह प्रदान करेगा।

स्परूटस स्टार्टअप एक तकनीकी-संचालित प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य अपने समाधानों के साथ ब्लू-कॉलर कार्यबल के परिदृश्य को बदलना है। इसमें कार्यबल, व्यवहार मूल्यांकन उपकरण और फ्रंट-लाइन प्रवर्तन के ऑनलाइन समीक्षा मंच के ई-लर्निंग कार्यक्रम बनाया है। इसे हिम स्टार्टअप योजना के तहत 25 लाख की वित्तीय मदद दी गई है।

एचएसवाइके सर्विसेज स्टार्टअप स्थानीय सेवा प्रदाताओं, नौकरियों, कर्मचारियों के लिए बाजार प्रदान करता है। सेकेंडहैंड उत्पादों और परिसंपत्तियों, खाद्य वितरण, टैक्सी सेवाओं, स्थानीय समाचारों आदि को खरीदने और बेचने में मदद करता है। मंडी शहर में उपलब्ध है। यह एक मंच पर 400 सेवाओं के साथ मदद करता है। एचएसवाइके सर्विसेज को 20 लाख की वित्तीय मदद की गई है।

आइआइटी मंडी के कैटालिस्ट के फैकल्टी संयोजक पूर्ण सिंह का कहना है हिम स्टार्टअप योजना के अंतर्गत इस बार स्थानीय स्टार्टअप को चयनित किया गया है। उन्हें वित्तीय ग्रांट उपलब्ध करवा दी गई है। संस्थान के निदेशक प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि हिम स्टार्टअप योजना से स्थानीय उत्पादों व तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।

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