गगन सिंह ठाकुर, थुनाग

सराज हलके में 13 जनवरी से पहले हुए हिमपात के बाद भी दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। हलके के सिर्फ छह रूट बंद हैं, जबकि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीस) की कोई बस सराज नहीं आ रही है। ऐसे में निजी बसों में कोरोना के साये के बीच भीड़ उमड़ रही है।

मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र होने के बावजूद (एचआरटीस) की बसें न चलने से लोगों में रोष है। यहां पर निगम का सब डिपो खोल दिया गया है, लेकिन बसें न आने के कारण लोग परेशान हैं। सराज हलके के 25 रूट हैं, जिसमें छह रूट सराची थुनाग, मझोल-मंडी, ढूजूं-घाट, मंडी-गाड़ागुसैणी, थुनाग-केलटी, थाची-जंजैहली बंद हैं। इसके अलावा अन्य रूटों पर निजी बसें भी दौड़ रही हैं लेकिन निगम की कोई बस नहीं चल पाई है। सोमवार को यात्री डिपल, मोहिनी ठाकुर, गीता देवी ने मंडी और सुंदरनगर जाना था, जगदीश कुमार को घागस, सावित्री देवी को कांडा, कौशल्या व निर्मला देवी को चैलचौक, किरणा देवी को बाड़ा जाना था, लेकिन बसें न आने से उनको निजी वाहन में जाना पड़ा। यही नहीं निजी बसों में अधिक भीड़ होने के कारण कोरोना नियम भी टूट रहे हैं। उधर बस अड्डा प्रभारी सराज मेघ सिंह ने कहा कि हिमपात के कारण मार्ग बंद थे, इस कारण बसें नहीं आई।

लोगों ने मुख्यमंत्री व परिवहन निगम के अधिकारियों से मांग की है कि जंजैहली सहित अन्य रूटों पर स्थानीय कर्मचारियों को न भेजा जाए। यह लोग घर जाने के लिए बसों को फंसा बताकर कहीं भी खड़ा कर देते हैं।

Edited By: Jagran