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हिमाचल में मौसम के कड़े तेवर: ओलावृष्टि ने बर्बाद की महीनों की मेहनत, आंधी से होर्डिंग्स उखड़कर सड़क पर गिरे

By Pushap Raj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 06 May 2026 06:40 PM (IST)Updated: Wed, 06 May 2026 06:54 PM (IST)

मंडी जिले में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचाई है, जहां सराज क्षेत्र में ओलावृष्टि से सेब और मटर ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को सराज में हुई भारी ओलावृष्टि। जागरण

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को सराज में हुई भारी ओलावृष्टि। जागरण

HighLights

  1. मंडी में अचानक मौसम बदलने से भारी नुकसान।

  2. सराज घाटी में सेब, मटर की फसलें बर्बाद।

  3. बागवानी विभाग ने बचाव के उपाय सुझाए।

जागरण टीम, मंडी। हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। मंडी जिले में बुधवार को अचानक बदले मौसम ने भारी नुकसान किया है। सराज क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, जोगेंद्रनगर में तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया। हाईवे पर आंधी के कारण होर्डिंग बोर्ड उखड़कर सड़कों पर आ गिरे, जिससे यातायात कुछ देर के लिए थम गया।

कई बहुमंजिला इमारतों से सामान सड़कों पर गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टला। अचानक आई इस आफत ने शादी समारोहों में भी विघ्न डाला, जिससे मेजबान और मेहमान दोनों बेहाल दिखे।

Storm

सेब और मटर की फसल को नुकसान 

जिले की एप्पल वैली के नाम से मशहूर सराज घाटी में शनिवार दोपहर को हुई भीषण ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ दी है। करीब 15 मिनट तक हुई इस ओलावृष्टि ने थाची, बगस्याड, थुनाग, देजी, रूहांड़ा सहित कई क्षेत्रों में सेब और मटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।

15 मिनट के ओलों ने बर्बाद कर दी महीनों की मेहनत

स्थानीय किसान जवाहर लाल, सोनू ठाकुर और उत्तम सिंह का कहना है कि इस बार फसल काफी बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन महज 15 मिनट के ओलों ने उनकी छह से आठ महीने की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया है। मटर के पौधे जड़ से उखड़ गए हैं और सेब के दानों पर गहरे दाग पड़ गए हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, क्षेत्र में 20 से 40 फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है। 

बागवानी विभाग की सलाह 

गंभीर स्थिति को देखते हुए बागवानी विभाग ने तुरंत बचाव के उपाय सुझाए हैं। एचडीओ बगस्याड नवीन कुमार ने कहा कि प्रभावित बागवान 24 घंटे के भीतर बैविस्टिन और एम-45 का छिड़काव करें। साथ ही, कापर आक्सीक्लोराइड 600 ग्राम प्रति 200 लीटर और कार्बेंडाजिम 100 ग्राम प्रति 200 लीटर के घोल का स्प्रे करें। इसके तीन से चार दिन बाद बोरिक एसिड और जिंक सल्फेट का छिड़काव करने से फसल को रिकवरी में मदद मिलेगी।

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