विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल में सिस्टम ने नहीं सुनी स्कूली छात्रा की पुकार, 80 ग्रामीणों ने श्रमदान कर नाले पर बना दिया लकड़ी का पुल

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 15 Jul 2026 12:04 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 15 Jul 2026 01:54 PM (GMT+05:30)

एक छात्रा की अपील पर प्रशासन के न जागने पर मंडी के 80 ग्रामीणों ने श्रमदान कर नाले पर लकड़ी ...और पढ़ें

HighLights

  1. छात्रा कनिका की अपील पर ग्रामीणों ने नाले पर पुल बनाया।

  2. मंडी के 80 ग्रामीणों ने श्रमदान कर लकड़ी का पुल बनाया।

  3. अस्थायी पुल से आवागमन आसान हुआ, स्थायी की मांग जारी।

संवाद सहयोगी, थुनाग (मंडी)। ‘हम स्कूल जाना चाहते हैं पर वर्षा की वजह से सुमोडा गाड नाला पार नहीं कर सकते। इस पर पुल नहीं बना है। प्रशासन से कई बार विनती की लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। कृपया एक पुल तो बनाया जा सकता है। ऐसे मौसम में छोटे बच्चे नाला पार कर कैसे स्कूल जाएंगे।’ 

हिमाचल में जिला मंडी की चिऊणी पंचायत के घ्यार गांव की 11वीं कक्षा की छात्रा कनिका ने ऐसा वीडियो बनाया और दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर स्कूल न जा पाने का दर्द प्रशासन और सरकार के समक्ष रखा।

80 लोगों ने श्रमदान कर बना दिया पुल

उसकी भावनात्मक अपील से सरकार व प्रशासन तो नहीं जागे लेकिन ग्रामीणों का दिल पसीज गया। तीन गांवों के 80 लोगों ने कनिका की अपील के बाद बीड़ा उठाया और खड्ड पर लकड़ी का पुल बना दिया। अब इस पुल से बच्चे स्कूल और ग्रामीण घरों की राह नाप रहे हैं।

एक ग्रामीण की नाले में बहने से जा चुकी है जान

सराज विधानसभा क्षेत्र की दूरदराज पंचायत चिऊणी के घ्यार, लैंद और बुराहड़ा गांव के लगभग 500 ग्रामीण पुल न होने पर जान जोखिम में रखकर बरसात में नाला पार करते हैं। एक ग्रामीण गोविंद की नाले में बहने से मौत हो चुकी है। 

छात्रा की अपील पर जागे लोग

वर्षा होने पर नाला पार करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। ऐसे में छात्रा कनिका का दर्द छलक गया। उसके बाद इन तीनों गांवों के 80 लोगों दुर्गा दत्त, राजू, हेम राज, डूमणी राम, उत्तम सिंह, तारा चंद, गुलाब सिंह आदि ने सोमवार और मंगलवार को श्रमदान किया और नाले पर लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी पुल से फिलहाल राहत जरूर मिली है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द स्थायी पुल का निर्माण करवाने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: हिम चंडीगढ़ सिटी प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, हिमाचल सरकार का 7042 बीघा जमीन के इंतकाल का आदेश; हिमुडा बनाएगा प्लान