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हिमाचल के ट्रेजरी ऑफिस में अब ऑनलाइन भुगतान, ई-बिल प्रणाली अनिवार्य; पोर्टल पर देख सकेंगे क्यों रुकी पेमेंट

By Sakshi Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Fri, 09 Oct 2026 06:37 AM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के ट्रेजरी कार्यालयों में भौतिक वाउचर प्रणाली समाप्त कर ई-बिल प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है।

हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी का ट्रेजरी कार्यालय।

हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी का ट्रेजरी कार्यालय।

HighLights

  1. भौतिक वाउचर प्रणाली समाप्त, ई-बिल व्यवस्था अनिवार्य।

  2. सरकारी भुगतानों में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

  3. नागरिक पोर्टल पर भुगतान की स्थिति देख सकेंगे।

साक्षी ठाकुर, मंडी। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत देश और प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन किया गया है। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय लेखा महानियंत्रक कार्यालय ने सभी सरकारी विभागों और ट्रेजरी कार्यालयों में भौतिक वाउचर व्यवस्था को समाप्त करते हुए ई-बिल प्रणाली को अखिल भारतीय स्तर पर अनिवार्य कर दिया है।

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी भुगतानों में पूर्ण पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, भुगतानों में लगने वाले समय को घटाना, और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। मंडी जिला ट्रेजरी कार्यालय में भी अब किसी भी विक्रेता, ठेकेदार या सरकारी कर्मचारी के बिलों का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही संभव होगा। 

सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाएगी रकम

आहरण एवं संवितरण अधिकारी स्वीकृत पत्रों और इनवाइस को पीडीएफ प्रारूप में पोर्टल पर अपलोड करके अपने डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र के माध्यम से कोषागार को भेजेंगे। इसके बाद भुगतान की राशि सीधे भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफार्म या प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

पोर्टल पर देख सकेंगे क्यों रुकी है पेमेंट

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आम नागरिक और संबंधित व्यक्ति भी पोर्टल पर जाकर यह देख सकेंगे कि उनका बिल किस कारण से अटका है और किस विभाग के कितने बिल लंबित हैं। प्रक्रिया में ऑनलाइन आंतरिक लेखा परीक्षा लागू होने से त्रुटियों और हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो गई है।

कागजी फाइलों का आवागमन बंद होने से न केवल काम में तेजी आएगी बल्कि कागजों की भारी बचत से पर्यावरण को भी बल मिलेगा। इस प्रकार यह व्यवस्था सरकारी कामकाज को अधिक स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगी।

कोषागार विभाग में अब ई-बिल और ई-वाउचर प्रणाली को पूर्णत लागू कर दिया गया है। कार्यालय में भौतिक रूप से कागजी वाउचर स्वीकार करना बंद कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक परिवर्तन से जनता और कर्मचारियों के बहुमूल्य समय की बचत होगी, उन्हें सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और इसके साथ ही कागज की भी भारी बचत होगी।
-प्रीक्षित मिन्हास, जिला कोषागार अधिकारी, मंडी।

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