विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल पंचायत चुनाव: भाजपा ने कांग्रेस नेता की पत्नी को बनाया जिला परिषद वार्ड से प्रत्याशी, बदले समीकरण

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 07 May 2026 02:21 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंडी के जोगेंद्रनगर में भाजपा ने कांग्रेस ...और पढ़ें

जोगेंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा के घर पहुंची जिला परिषद नेर घरबासड़ा वार्ड से प्रत्याशी बिंदु बाला व अन्य।

जोगेंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा के घर पहुंची जिला परिषद नेर घरबासड़ा वार्ड से प्रत्याशी बिंदु बाला व अन्य।

HighLights

  1. हिमाचल पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू।

  2. भाजपा ने कांग्रेस नेता की पत्नी को दिया टिकट।

  3. पति अनिल चौधरी ने पद से दिया इस्तीफा।

संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई है। पंचायत चुनाव के लिए वीरवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बीच जिला मंडी में जोगेंद्रनगर की राजनीति में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। भाजपा ने जिला परिषद के नेर घरबासड़ा वार्ड से कांग्रेस नेता की पत्नी को प्रत्याशी बना दिया है। भाजपा के इस कदम को संगठन की रणनीतिक बढ़त माना जा रहा है।

सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के पद पर कार्यरत थे पति

नेर घरबासड़ा वार्ड से बिंदु बाला को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। वह अधिवक्ता अनिल कुमार चौधरी जो प्रदेश सरकार में सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के पद पर कार्यरत थे, उनकी पत्नी हैं। पत्नी को भाजपा से जिला परिषद का टिकट मिलने के बाद उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

चुनावी समीकरणों को बदलने का दांव

जानकारों का मानना है कि भाजपा ने विरोधी दल के प्रभावशाली परिवार में सेंध लगाकर चुनावी समीकरणों को बदलने का दांव खेला है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

विधायक ने दी शुभकामना

जोगेंद्रनगर से भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने उपमंडल के जिला परिषद के तीनों वार्डों के प्रत्याशियों को शुभकामना दी है। उन्होंने दावा जताया कि तीनों पार्टी प्रत्याशियों की भारी बहुमत से जीत निश्चित है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल पंचायत चुनाव: आयोग ने प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि की तय, घोषणा पत्र करवाना होगा सत्यापित

यह भी पढ़ें: हिमाचल पंचायत चुनाव: सरकारी जमीन पर ससुर का कब्जा तो बहू भी नहीं लड़ पाएगी इलेक्शन, सरकार का क्या है तर्क?