जागरण संवाददाता, मंडी : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में अधिकारियों को अब कार्य संस्कृति का कड़ाई से पालन करना होगा। जो पहले से हटकर और बेहतर हो। रोजमर्रा के कार्यो के साथ नई परियोजनाओं को तैयार करने की तरफ ध्यान देना होगा। जयराम ठाकुर परिधि गृह मंडी में सोमवार को ¨सचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हर घर में पानी का नल हो, सरकार इसके लिए प्रयास करेगी। इस वर्ष बारिश और बर्फबारी न होने के कारण राज्य को सूखे जैसी स्थिति के कारण पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। यदि कुछ हफ्तों अथवा महीने तक मौसम की ऐसी ही स्थिति रहती है तो जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि विभाग को और अधिक हैंडपंप स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए। पानी के टैंकों की व्यवस्था भी समय रहते कर लेनी चाहिए। पानी का स्तर तेजी से घट रहा है और यह ¨चता का विषय है। जलाश्यों की नियमित रूप से सफाई व क्लोरीनेशन करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र विशेष से कोई पीलिया का मामला सामने आता है तो विभाग को तुरंत जलापूर्ति के स्रोत की जांच करनी चाहिए और पीलिया के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय करने चाहिए। पानी का कोई भी टैंक बिना क्लोरीनेशन व सफाई के न छूटे। मुख्यमंत्री ने विधायकों के सुझावों का पालन करने के भी निर्देश दिए और कहा कि विधायक प्राथमिकता की सभी योजनाओं को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने मल उपचार संयंत्रों का रखरखाव करने के निर्देश दिए। 100 दिन के लिए निर्धारित लक्ष्यों की सरकार द्वारा समीक्षा की जाएगी।

उधर, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र ¨सह ठाकुर ने तय समयसीमा के भीतर कार्यो को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कुल्लू शहर के लिए 22.73 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना को जून तथा 15.04 करोड़ रुपये की मनाली जलापूर्ति योजना का कार्य अक्टूबर 2018 तक पूरा करने के भी निर्देश दिए।

Posted By: Jagran

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