मंडी, जागरण संवाददाता। नगर परिषद नेरचौक के उपाध्यक्ष परम देव के पाला बदलने से अध्यक्ष शालिनी राणा की कुर्सी छिनना तय है। परिषद के पांच पार्षदों ने सोमवार को उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी को शालिनी राणा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है।

नियमों के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 15 दिन के अंदर बैठक होगी। परम देव के कांग्रेस खेमे में शामिल होने से भाजपा के पास अब तीन पार्षद रह गए हैं। परिषद में कुल नौ सीट हैं। दो साल पहले आठ सीट के लिए चुनाव हुआ था। दोनों दलों के चार-चार समर्थित पार्षद जीतकर आए थे। अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बराबरी पर रहा था। टास से निर्णय हुआ था।

डडौर वार्ड में कांग्रेस का दबदबा

अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए सिक्का भाजपा के पक्ष में उछला था। अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला भाजपा की शालिनी राणा व कांग्रेस समर्थित नर्बदा अभिलाषी के बीच हुआ था। डडौर वार्ड में चुनाव नहीं हुआ था। पंचायत की मांग को लेकर यहां के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। दो साल में पंचायत बनी न ही पार्षद का चुनाव हुआ। चुनाव न कराने की सबसे बड़ी वजह अध्यक्ष की कुर्सी भी थी। डडौर वार्ड में कांग्रेस का दबदबा है। इसी डर से भाजपा सरकार ने दो साल तक यहां चुनाव नहीं कराया।

शालिनी राणा की कुर्सी पर मंडरा खतरा

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शालिनी राणा की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा था। अब उपाध्यक्ष परम देव के पाला बदलने से कुर्सी जाना तय है। अविश्वास प्रस्ताव पार्षद नर्बदा अभिलाषी, मीना कुमारी, अभिषेक चौहान, विजय कुमार व उपाध्यक्ष परम देव की ओर से सौंपा गया है।

मंडी के उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा  नगर परिषद नेरचौक के पांच पार्षदों ने अध्यक्ष शालिनी राणा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इस पर नियमानुसार कार्यवाही होगी।

यह भी पढ़ें- हमीरपुर, कांगड़ा व शिमला जिलों में सभी बसें इलेक्ट्रिक खरीदने के निर्देश, 31 मार्च तक सरकार 300 बसें खरीदेगी

Edited By: Jagran News Network

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट