संवाद सहयोगी, मंडी : अब खेलकूद प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा मानक तय किए जाएंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही उन्हें प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। गोहर में टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ी की मौत के बाद शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले संबंधित स्कूल को अपने स्तर पर खिलाड़ियों की सुरक्षा के प्रबंध करने होंगे। इसके लिए जिम्मेवार शिक्षकों को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं प्रतियोगिता के दौरान व खाली समय में भी संबंधित शिक्षक खिलाड़ियों पर पूरी निगरानी रखेंगे। किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित शिक्षक जवाबदेह होंगे। इसके अलावा अब खिलाड़ियों को प्रतियोगिता स्थल से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।

उधर, गोहर हादसे की विभागीय जांच शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार शर्मा के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। प्रारंभिक जांच में खिलाड़ियों व कंटीजेंट तथा आयोजन समिति से पूछताछ की गई और रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेज दी है। अब विस्तृत जांच होना बाकि है। इसमें सरकाघाट के चौक स्कूल के कंटीजेंट पर कार्रवाई की गाज गिरना तय है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार शर्मा ने बताया मामले में जिस किसी की भी लापरवाही पाई जाएगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा। विभाग अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहा है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है, वहीं भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए सुरक्षा मानक तय किए जाएंगे।

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छात्र के परिजनों को दी 25000 रुपये राहत राशि :

शिक्षा विभाग ने ज्यूणी खड्ड में डूबे विजय कुमार पुत्र हुकम चंद के परिजनों को 25000 रुपये की राहत राशि प्रदान की है। यह राशि स्कूल प्रबंधन समिति गोहर व शिक्षकों से जुटाई गई। वहीं छात्र के अंतिम संस्कार में भी शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार सहित अन्य शिक्षक शामिल हुए और हादसे पर दुख जताया। इससे पहले जोनल अस्पताल मंडी में छात्र का पोस्टमार्टम भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की देखरेख में किया गया।

Posted By: Jagran