संवाद सहयोगी, मंडी : जिला मुख्यालय मंडी में एक समय में केवल सात कुत्तों की नसबंदी होती है। ऐसे में नगर निगम का कुत्तों की नसंबदी का अभियान रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। कुत्तों की नसबंदी कर उनके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही सात अन्य कुत्तों की नसबंदी होती है। वहीं शहर में डाग केयर सेंटर का अभाव होने के कारण आवारा कुत्तों को एक स्थान पर रखने की भी सुविधा नहीं है। इससे शहर में आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर निगम ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान छेड़ रखा है। खास कर गर्मी में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हाल ही में सेरी मंच के सामने से गुजर रहे एक राहगीर पर कुत्ते ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। खलियार में कुत्तों की नसबंदी के लिए केंद्र तो है लेकिन यहां पर सीमित आधारभूत ढांचा है। नसबंदी के लिए केंद्र में सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। हालंाकि डाग केयर सेंटर के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू की है लेकिन अभी तक साइट का चयन भी नहीं किया जा सका है। डाग केयर सेंटर खुलने से आवारा कुत्तों को यहां पर आश्रय मिलेगा।

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शहर में कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। नसबंदी केंद्र की क्षमता के अनुरूप सात कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी के लिए ले जाया जा रहा है। आवारा कुत्तों के लिए डाग केयर सेंटर प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन तलाश की जा रही है।

-वीरेंद्र शर्मा, डिप्टी मेयर, नगर निगम मंडी।

Edited By: Jagran