मंडी, काकू चौहान। मुख्यमंत्री के गृह जिला में सेवाएं देने से चिकित्सक कतरा रहे हैं। नियुक्ति के आदेश के बावजूद 11 चिकित्सकों ने कार्यभार नहीं सभाला। इस कारण चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला मंडी को राहत नहीं मिल पाई है और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी के लिए करीब एक माह पहले 18 चिकित्सकों की तैनाती के आदेश हुए थे। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक, जोनल अस्पताल मंडी सहित नागरिक अस्पताल व सीएचसी में चिकित्सकों  ने ज्वाइन करना था। इसमें मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सराज के तीन चिकित्सक भी शामिल थे। सभी को एक सप्ताह के भीतर कार्यभार संभालने के आदेश थे। हैरानी इस बात की है कि इनमें से आधे चिकित्सकों ने भी जिले में कार्यभार नहीं संभाला। यहां तक कि सीएम के गृह क्षेत्र सराज में तीन में से एक भी चिकित्सक नहीं गया।

मात्र सात चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया है, जिनमें तीन जोनल अस्पताल मंडी और बाकि चार नागरिक अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा 11 चिकित्सकों ने आदेश को दरकिनार करते हुए कार्यभार नहीं संभाला। इनमें से कुछ चिकित्सकों ने अन्य जिलों में एडजस्टमेंट करवा ली है। चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। जिले में मौजूदा समय में चिकित्सकों के करीब 104 पद रिक्त हैं। कुछ माह पहले प्रदेश में 205 से अधिक डॉक्टरों की तैनाती हुई है। तब मंडी को 23 चिकित्सक मिले थे, लेकिन उस दौरान भी सभी ने कार्यभार नहीं संभाला था। मंडी में 400 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान।

इसमें एक मेडिकल कॉलेज, जोनल अस्पताल, 10 नागरिक अस्पताल, 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 68 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 313 हेल्थ सब सेंटर हैं। मेडिकल कॉलेज को छोड़ इन संस्थानों के लिए चिकित्सकों के लिए 239 पद स्वीकृत हैं। इनमें 135 से अधिक पद भरे गए हैं। लेकिन 104 से अधिक 

 चिकित्सकों की अभी भी कमी है।

इन अस्पताल में संभाला चिकित्सकों ने कार्यभार

जोनल अस्पताल मंडी में तीन चिकित्सकों ने कार्यभार संभाल लिया है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल जोगेंद्रनगर व सुंदरनगर में एक-एक चिकित्सक ने ज्वाइन किया है। वहीं सरकाघाट व धर्मपुर में भी दो चिकित्सकों ने सेवाएं शुरू कर दी हैं।

जिला के लिए 18 चिकित्सकों की तैनाती के आदेश हुए हैं। उन्हें एक सप्ताह के भीतर ज्वाइन करने को कहा था, लेकिन एक माह बाद भी सात चिकित्सकों ने ही कार्यभार संभाला है। विभाग ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। 

-डॉ. जीवानंद चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मंडी।

 

Posted By: Babita