सहयोगी, पद्धर : द्रंग हलके के दुर्गम क्षेत्र चौहार घाटी का होनहार दिनेश कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बना है। चौहार घाटी की कथोग पंचायत के दुर्गम घुनाघ गांव का यह पहला युवक है जिसने सेना में इतने बड़े पद पर पहुंचा है। उसने चौहार घाटी सहित पूरे द्रंग क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दिनेश कुमार के पिता भी सेना में 34 साल सेवा देने के बाद सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। माता गृहिणी हैं। दादा-दादी साधारण परिवार से रहे हैं। बड़ा भाई सूरज पद्धर में गारमेंट स्टोर चला रहा है। दिनेश ने चौहार घाटी के प्राइमरी स्कूल कथोग से चौथी तक की पढ़ाई की। उसके बाद अपने पिता के साथ अलग-अलग स्थान पर रहकर केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया। बाद में दिनेश ठाकुर आइआइटी, जेईई और आइईए में राष्ट्रीय स्तर में रैंक लाकर चयनित हुआ। दिनेश ठाकुर ने बीटेक आइआइटी इलाहाबाद से की।  बीटेक के अंतिम वर्ष के दौरान दिनेश का चयन रिलायंस कंपनी में सीनियर इंजीनियर के पद पर भी हुआ, लेकिन उसी दौरान दिनेश ने एसएससी-सीडीएस परीक्षा पास कर सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया। आठ सितंबर को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पासआउट समारोह में सूरज के माता-पिता भी शामिल हुए। दिनेश की माता ओमा देवी ने बताया उनका लाडला बचपन से ही शर्मीले स्वभाव का रहा है। जो हर वक्त पढ़ाई में रुचि रखता था।

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