संवाद सहयोगी, मंडी : एक ओर जहां संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के संकट से गुजर रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी घोटाले करने में व्यस्त हैं। दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग के जिला संयोजक चमन राही ने कहा कि घोटाले में लिप्त सभी अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच होनी। सीबीआइ या हाई कोर्ट के सिटिग जज की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई जानी चाहिए। ऐसे समय में इस घोटाले ने हिमाचल की छवि को धूमिल किया है। जहां लोग इतनी महामारी में भी आर्थिक तंगी के कारण मुख्यमंत्री राहत कोष या कोविड फंड में भरपूर योगदान दे रहे है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक हेराफेरी कर रहे हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी सबके सामने आ चुकी है। हाल ही में बिलासपुर में भी सस्ती पीपीई किट एवं कोविड रैपिड टेस्ट कीटों की गुणवत्ता पर कई सवाल उठे हैं।

Posted By: Jagran

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