संवाद सहयोगी, कुल्लू : नगर परिषद कुल्लू के तहत आने वाले क्षेत्र को डस्टबिन फ्री किया गया है। इसके लिए नगर परिषद ने घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना बनाई है लेकिन यहां-वहां लगे डस्टबिन से घर-घर कूड़ा उठाने की योजना भी ठप होती नजर आ रही है। 50 रुपये देने से अच्छा लोग डस्टबिन में कूड़ा डालना बेहतर समझते हैं। इससे गंदगी फैल रही है।

कुछ समय पहले राजनीति चमकाने के लिए ढालपुर मैदान में डस्टबिन लगाए गए हैं। हकीकत में इन डस्टबिन की ढालपुर मैदान में कोई जरूरत नहीं थी। इन डस्टबिन को लगाने के लिए न तो नप कुल्लू से पूछा गया और न ही इनकी साफ-सफाई रोजाना हो रही है। ऐसे में जितने भी डस्टबिन लगे हैं वे भरे पड़े हैं। कूड़े के ढेर बाहर लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को अब उनकी पार्टी के मंत्रियों, विधायकों एवं सांसदों के नाम से लगे कूड़ेदान फेल करने में लगे हैं। बिना किसी योजना के गांव से लेकर शहर तक लगाए गए इन डस्टबिन से कूड़ा निकालने वाला कोई नहीं है। इन कूड़ेदान को खाली करने और इनके रखरखाव का जिम्मा लेने को भी कोई तैयार नहीं है। जिला प्रशासन भी अब तक केवल नगर परिषद को ही इन डस्टबिन को खाली करने के आदेश देता आ रहा है। स्वच्छता के नाम पर बड़े-बड़े अभियान चलाने के बाद गांव से लेकर शहर तक मंत्रियों के नाम से डस्टबिन लगा दिए गए हैं। मंत्रियों, विधायकों व सांसदों के नाम लिखे लगे इन कूड़ेदान को सार्वजनिक स्थानों पर अधिक संख्या में लगाया गया है, जहां पर अब लोगों ने कूड़ा गिराना भी शुरू कर दिया है।

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जिला में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। नगर परिषद कुल्लू को डस्टबिन खानी करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। स्वच्छता के लिए किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। जिला के सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

- डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम कुल्लू।

Posted By: Jagran